धान बेचने के माह भर बाद भी पैसों के लिए भटक रहे किसान
छत्तीसगढ़ में धान बेचने के माह भर बाद भी पैसों के लिए भटक रहे किसान
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में धान खरीदी खत्म होने के पखवाड़े भर बाद भी धान बेचने वाले कई किसानों को राशि नहीं मिली है. जबकि अंतर की राशि का भुगतान कर दिया गया है.
अब मूल राशि नहीं आने से किसान परेशान हैं. किसान लगातार बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं.
लेकिन बैंक में राशि अंतरण नहीं होने से किसान मायूस होकर लौट रहे हैं.
बताया गया कि प्रदेश भर के लगभग सभी जिलों में यही स्थिति है.
राज्य के हजारों किसान है जिनका आज तक पैसों का भुगतान नहीं हो पाया है.
बताया जा रहा है कि विगत 18 जनवरी के बाद जिन किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा है, उन्हीं किसानों का समर्थन मूल्य की राशि एक माह बाद भी उनके बैंक खाते में नहीं आया है.
परेशान किसानों का कहना है कि सरकार ने दावा किया था, धान खरीदी के 72 घंटे के अंदर भुगतान कर दिया जाएगा.
लेकिन सरकार का यह दावा कागजों तक ही सीमित रह गया है.
किसान राशि का पता लगाने के लिए बार-बार बैंक के अधिकारी और खरीदी केन्द्र के समिति प्रबंधकों के पास दौड़ लगा रहे हैं.
लेकिन बैंक के अधिकारी और समिति प्रबंधकों द्वारा संतोषप्रद जवाब नहीं दिया जा रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खामियों के चलते भुगतान रुका हुआ है. जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है.
अंतर की राशि आई पर मूल राशि नहीं आई
किसानों ने बताया कि धान खरीदी के शुरुआती दिनों में धान बेचने के तीन-चार दिनों के अंदर ही भुगतान किया जा रहा था.
मगर 18 जनवरी के बाद से स्थिति बिगड़ी है. जिन किसानों ने 18 से 31 जनवरी के बीच में धान बिक्री किया है. उन किसानों का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है.
सबसे दिलचस्प बात ये है किसानों के धान के अंतर की राशि उनके खाते में आ चुकी है. लेकिन मूल राशि का अता-पता नहीं है.
धान बेचने के बाद भुगतान नहीं होने से अब किसान मुसीबत में फंस गए हैं.
पैसा नहीं मिलने से आवश्यक कार्य भी नहीं कर पा रहे हैं. कई किसान तो ऐसे भी हैं जो किराए पर जमीन लेकर खेती करते हैं.
ऐसे किसान खेत मालिक के रकबे पर धान की बिक्री किए हैं. अब भुगतान के लिए खेत मालिक के पास जा रहे हैं.
खेत मालिक द्वारा बैंक में रुपये नहीं आने की जानकारी देने पर विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही है.