सरकार की तारीफ और विपक्ष के आरोप के बीच सुशासन तिहार का समापन
धमतरी | संवाददाताः छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा चलाए जा रहे बहुप्रचारित सुशासन तिहार का आज समापन हो गया. पिछले 54 दिनों तक इस आयोजन में सरकार के साथ ही पूरा प्रशासनिक अमला जुटा रहा.
आखरी दिन शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय धमतरी में आयोजित समाधान शिविर और समीक्षा बैठक में शामिल हुए.
इस महाअभियान को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार की नाकामियां गिनाते हुए हमलावर रही.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धमतरी में शिविर को सम्बोधित करते हुए कहा कि सुशासन का अर्थ है अच्छा शासन. पहले चरण में राज्य भर से आवेदन लिए गए, दूसरे चरण में उन पर कार्रवाई हुई और अब तीसरे चरण में सरकार आपके गांव में पहुंची है.
उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार आपकी समस्याओं के निराकरण के लिए आयोजित त्योहार है. इस दौरान विकास कार्यों का औचक निरीक्षण भी किया गया.
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेशभर में 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 95 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में 18 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित किया गया था. उनकी चिंता करते हुए हमारी सरकार ने पहली ही कैबिनेट में इन सभी आवासों को स्वीकृति दी. अब तक लाखों हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया जा चुका है.
महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए सीएम ने बताया कि 70 लाख से अधिक माताओं को इसका लाभ मिल चुका है. जिन हितग्राहियों का नाम छूट गया है उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. बहुत जल्द ही पोर्टल खोलकर उनका भी नाम जोड़ा जाएगा.
इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने धमतरी में 213 करोड़ रुपए की लागत के विकास कार्यों की घोषणा की.
सुशासन तिहार पर उठे सवाल
राज्य सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार को लेकर कांग्रेस लगातार आलोचना करती रही है.
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ दीपक बैज मुखर तरीके से सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े करते रहे हैं.
सुशासन तिहार को ढकोसला बताते हुए कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार की नाकामी को छुपाने का षड़यंत्र बताया है.
दीपक बैज ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सुशासन तिहार के कार्यक्रमों में ग्राम पंचायतों की विकास निधि का गलत उपयोग किया जा रहा है.
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया है कि आवेदनों का निराकरण ना कर सिर्फ प्रचार किया जा रहा है.