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छत्तीसगढ़ विधानसभाः भाजपा विधायकों ने ही सरकार को घेरा

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Hupendra Sharma

16 जुल. 2025, 03:01 PM 4 मिनट में पढ़ें 2

विधानसभा
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रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सत्ता पक्ष के ही विधायकों ने सरकार को घेरा. प्रदेश में बढ़ते साइबर क्राइम पर विधायक सुनील सोनी, राजेश भूणत और अजय चन्द्राकर ने गृहमंत्री विजय शर्मा से तीखे सवाल पूछे.


वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और गृहमंत्री विजय शर्मा के भी विभागों से जुड़े सवाल पूछे.

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नेता प्रतिपक्ष सहित अन्य विपक्षी विधायकों ने सरकार को प्रधानमंत्री आवास के साथ-साथ अन्य मुद्दों को लेकर सवाल पूछे.


इसके अलावा बिजली बिल में बढ़ोतरी के खिलाफ विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाया. जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने अस्वीकार्य कर दिया. इस पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने आभार जता दिया.


सदन में विधायक सुनील सोनी ने कहा कि प्रदेश में लगातार साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे हैं. हजारों लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं, लेकिन अब तक साइबर विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हुई है.


उन्होंने कहा कि यहां साइबर थाना है, लेकिन कहां है, कई लोग जान नहीं पाते. लोग आत्महत्या कर रहे हैं. स्थिति भयावह है. अपराध दर्ज होने के आंकड़े 16 हजार से ज्यादा है, ऐसा एनसीआरबी भी बता रहा है. वहीं एआई भी बता रहा है.

एआई पर ज्यादा विश्वास ना करें- गृहमंत्री

इसके जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि साइबर अपराध के 1301 आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए हैं. उन्होंने कहा कि एआई पर ज्यादा विश्वास नहीं करें. हम सही आंकड़े दे रहे हैं.


उन्होंने कहा कि एनसीआरबी का डेटा 2022 के बाद आया ही नहीं, फिर नई जानकारी कैसी आएगी.


गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि साइबर थाना ही नहीं बल्कि रायपुर में कम्पोजिट साइबर भवन है. हम सभी सदस्य को वहां ले जाएंगे. विशेषज्ञ की नियुक्ति भी जल्द होगी. उन्होंने कहा कि छह महीने की ट्रेनिंग लेकर साइबर के एक्सपर्ट आ चुके हैं, वो विशेषज्ञ से कम नहीं है.


इस बीच सुनील सोनी ने सवाल किया कि जनवरी 2024 से जून 2025 तक कितने लोगों को जेल भेजा गया. इस पर विजय शर्मा ने बताया कि बैंक वालों पर 3 प्रकरण दर्ज किया गया है. 7 आरोपियों को जेल में डाला गया है.

साइबर क्राइम सबसे बड़ा अपराध- मूणत

भाजपा विधायक राजेश मूणत ने कहा कि साइबर क्राइम आज सबसे बड़ा अपराध बन गया है. अधिकारी लगातार ट्रेनिंग लेकर आ रहे हैं, फिर भी साइबर क्राइम के मामले लगातार आ रहे हैं. 107 करोड़ की ठगी हुई है. विभाग लगभग 3 करोड़ राशि ही वापस दे पाया है. इसके लिए एक आईजी स्तर का अधिकारी नियुक्त होना चाहिए. 


इस पर विजय शर्मा ने कहा कि पैसे वापसी की प्रक्रिया कोर्ट के जरिए होती है. कोर्ट के आदेश पर पीड़ितों को राशि लौटाई जा रही है. आईजी स्तर के अधिकारी की नियुक्ति इसमें होती है, जो हो चुकी है.


इस बीच भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने गृहमंत्री विजय शर्मा से पूछा कि साइबर क्राइम रोकने कितने कमांडो तैयार किए गए हैं. नियुक्ति कितने की हुई. विशेषज्ञों की भर्ती कब होगी. 


इसपर गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि साइबर कमांडो की ट्रेनिंग चल रही है. इसी बीच फिर अजय चंद्राकार ने कहा- ऐसा जवाब पिछले सत्र में भी दिया था. अब तक साइबर कमांडो तैयार नहीं किए गए हैं. इसी से विभाग की गंभीरता समझ में आती है.

महंत ने सीएम को कहा धन्यवाद

विधानसभा की कार्रवाई के दौरान आमतौर पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होती है. स्थगन प्रस्ताव खारिज होने पर वाकआउट की घटनाएं होती हैं. लेकिन इस बार कांग्रेस ने सत्ता पक्ष का धन्यवाद ज्ञापित कर दिया.


विपक्षी विधायकों ने सदन में छत्तीसगढ़ में बिजली बिल में बढ़ोतरी के खिलाफ स्थगन प्रस्ताव लाया था. विपक्षी इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए चर्चा की मांग की. इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया.


नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि सरकार आम उपभोक्ता और किसानों से बिजली बिल के दाम बढ़ाकर वसूली कर रही है. जिससे आम जनों को भारी परेशानी हो रही है. 


इस पर विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिजली दरों में बढ़ोतरी के निर्णय को विस्तार से समझाते हुए इसे जनहितैषी बताया और स्पष्ट किया कि किसानों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं डाला गया है.


सीएम साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2025-26 हेतु घोषित बिजली टैरिफ में मात्र 1.89 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जो कि विगत वर्षों में न्यूनतम वृद्धि में से एक है. यह निर्णय जनसुनवाई की प्रक्रिया के बाद पारदर्शी ढंग से लिया गया है और इसे घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर स्टील और रोलिंग मिल उद्योगों तक ने सराहा है.


इस जवाब के बाद अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया. 


इस निर्णय पर कांग्रेस ने न तो विरोध जताया, न हंगामा किया और न ही सदन से वाकआउट किया.


इसके उलट नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने विषय की गंभीरता को समझा और व्यापक जवाब दिया.


उनके इस रुख का सत्ता पक्ष ने तालियां बजाकर और मेज थपथपा कर स्वागत किया.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP