सीएम ने कहा- 642 मकान जमींदोज, 1277 क्षतिग्रस्त
बस्तर में बाढ़ से 642 मकान जमींदोज, 1277 क्षतिग्रस्त
दंतेवाड़ा | संवाददाताः विदेश दौरे से वापस लौटे छत्तीसगढ़ सूबे के मुखिया विष्णुदेव साय आज बस्तर संभाग में बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे. उन्होंने सबसे पहले बस्तर में हवाई जहाज से लोहंडीगुड़ा क्षेत्र में बाढ़ से हुई क्षति का निरीक्षण किया.
इसके बाद सीएम दंतेवाड़ा पहुंचे. यहां वार्ड नंबर 10 के चुड़ीटिकरा पारा में बाढ़ पीड़ितों से मिले. ये लोग यहां बनाए गए अस्थायी राहत शिविर में रह रहे हैं.
उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों की समस्याओं को सुना. साथ ही स्वास्थ्य शिविर और बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए पुल का भी निरीक्षण किया.
इस दौरान सीएम साय जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों की बैठक ली. इस बैठक में उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों की जानकारी ली. यह बैठक करीब 1 घंटे तक चली.
बैठक में उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक टीमों की निरंतर पहुंच बनी रहे. पीड़ितों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.
बैठक के बाद वे पत्रकारों से रूबरू हुए. उन्होंने कहा कि बाढ़ का असर 4 जिलों में ज्यादा था. 642 मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. वहीं 1277 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए आरबीसी 6,4 के तहत चार हजार रुपए मुआवजा देने का प्रावधान है. इसमें बदलाव किया गया है, अब इन्हें छह हजार रुपए दिया जाएगा.
उन्होंने बताया कि किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. 416 हेक्टेयर फसल बाढ़ की चपेट में आई है. अभी तक 1 करोड़ 94 लाख की सहायता राशि लोगों को दी जा चुकी है. आगे भी लोगों की लगातार मदद की जा रही है.
105 पुल पुलिया ध्वस्त
सीएम साय ने बताया कि 105 पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हुए हैं. इनका स्टीमेट प्रशासन ने दिया है.
दंतेवाड़ा में 53 करोड़, बस्तर में 52 करोड़, सुकमा में 9 करोड़ और बीजापुर में 1 करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया है. जल्द ही इन कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य करवाए जाएंगे.
मुख्यमंत्री के साथ वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद महेश कश्यप सहित जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे.