नक्सलियों के ख़िलाफ़ सबसे बड़ा ऑपरेशन: हेलीकॉप्टर से जवानों को भेजा जा रहा असला-बारूद
हेलीकॉप्टर से जवानों को पहुंचाया जा रहा असला-बारूद
बीजापुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बीजापुर में माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन आज चौथे दिन भी जारी है. बीजापुर-तेलंगाना-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पिछले 96 घंटों से दोनों तरफ से रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही है.
सुरक्षा बलों ने अब तक 5 माओवादियों को मार गिराया है. जिसमें से तीन माओवादियों के शव समेत हथियार बरामद हुए हैं.
चौथे दिन आज सुरक्षा बलों ने इस अभियान को और तेज कर दिया है. हेलीकॉप्टर से जवानों तक असला-बारूद पहुंचाया जा रहा है.
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि माओवादियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन चल रहा है. इस ऑपरेशन में करीब 5 से 8 हजार जवान शामिल हैं. इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ के अलावा तेलंगाना राज्य की फोर्स भी शामिल है.
उन्होंने इस ऑपरेशन में अब तक तीन महिला माओवादियों के शव बरामद करने की पुष्टि की है.
साथ ही पुलिस का दावा है कि इनके अलावा और कई माओवादी मारे गए हैं. मारे गए माओवादियों में पीएलजीए बटालियन नंबर-1 के बताए जा रहे हैं.
जवानों द्वारा इलाके में सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है. दुर्गम पहाड़ी इलाका होने की वजह से माओवादी बिखरे हुए हैं.
जिस वजह से जवानों को इतना समय लग रहा है. जवान भी टुकड़ियों में बंटकर लगातार नक्सलियों पर फायरिंग कर रहे हैं.
इस ऑपरेशन में डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा, बस्तर फाइटर और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ऑपरेशन पर निकली है.
पुलिस के मुताबिक उसूर थाना क्षेत्र के कोतापल्ली गांव के कर्रेगुट्टा पहाड़ी में हिड़मा, दामोदर, देवा समेत कई बड़े माओवादी और उनकी बटालियन को घेरा गया है.
12 जवानों की तबीयत बिगड़ी
हालांकि इस ऑपरेशन में शामिल 12 जवानों की तबीयत भीषण गर्मी के चलते बिगड़ गई है. जवान लू का शिकार हो गए हैं.
बीमार जवानों को प्राथमिक उपचार के लिए तेलंगाना के पास के वेंकटापुरम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. वहीं 3 जवानों को भद्राचलम के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
सुरक्षा बल के जवान पिछले 3-4 दिनों से जंगल और पहाड़ों में पैदल ही चल रहे हैं. जबकि कर्रेगुट्टा के पहाड़ में इस समय 44 डिग्री तापमान है.
इस भीषण गर्मी में जवान दिन और रात माओवादियों को घेरते हुए आगे बढ़ रहे हैं. कहा जा रहा है कि यह ऑपरेशन लगभग 15 दिनों से ज्यादा चलेगा.
लगातार ऑपरेशन चलता रहा और जवान पैदल चलते रहे तो शरीर में पानी की कमी से और भी जवान डिहाइड्रेट के शिकार हो सकते हैं.
माओवादियों का रहा है अभेद किला
कर्रेगुट्टा, कोत्तापल्ली, पुजारी कांकेर, धर्मावरम, नम्बी के ऊपरी हिस्से को माओवादियों का अभेद किला कहा जाता है.
यहां छत्तीसगढ़ और तेलंगाना स्टेट कमेटी के सैकड़ों माओवादियों का डेरा है. कहा जाता है कि यहीं से नक्सल संगठन को ऑपरेट किया जाता है.
यहां मौजूद नक्सली आधुनिक हथियारों से लैस हैं. बारूद भी इकट्ठा कर रखे हैं. माओवादियों ने अपनी सुरक्षा के लिए इस पहाड़ के चारों ओर सैकड़ों आईईडी लगा रखे हैं.
इनमें से कई तो सीरियल आईईडी हैं. दूसरी ओर माओवादी यहां की भौगोलिक स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ हैं.
जवानों को पहाड़ में चढ़ने में सबसे बड़ी चुनौती बारूदी सुरंग हैं. ऐसे में जवान बम को खोजते हुए आगे बढ़ रहे हैं.
दूसरी ओर माओवादी पहाड़ के ऊपर मौजूद हैं. इसलिए उन्हें गोलीबारी करने में भी आसानी होगी.
जबकि जवानों को ऊपर चढ़ते हुए फायरिंग करनी है. यहां तक पहुंचना जवानों के लिए बड़ी चुनौती हैड्रोन कैमरे से निगरानी
ऑपरेशन में शामिल जवान ड्रोन कैमरे से पूरे इलाके की निगरानी कर रहे हैं. जवानों के पास हाईटेक टेक्नोलॉजी वाले नाइट विजन ड्रोन कैमरे भी हैं.
ये ड्रोन इंफ्रारेड या थर्मल कैमरों से लैस हैं, जो रात में देखने में मदद करते हैं.
इन्फ्रारेड कैमरे उस प्रकाश को पकड़ते हैं, जो मानव आंखों के लिए अदृश्य होता है. जबकि थर्मल कैमरे मानव शरीर की गर्मी से किसी की उपस्थिति का पता लगाते हैं.
ये कैमरे रात में देखने में कुछ हद तक मदद कर सकते हैं. लेकिन इनकी सीमाएं भी होती हैं.
हेलीकॉप्टर से भेजा गया अतिरिक्त फोर्स
पिछले 96 घण्टों से जारी इस एंटी नक्सल ऑपरेशन में मुठभेड़ स्थल पर तैनात जवानों को एमआई- 17 हेलीकॉप्टर के जरिए असला-बारूद, खाने-पीने का सामान और गर्मी से राहत दिलाने के लिए ठंडे पेय पदार्थ लगातार भेजे जा रहे हैं.
सुरक्षा बलों की तैयारियों को देखते हुए पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखा गया है.
बीजापुर की पुलिस लाइन में आईजी सुंदरराज पी, एसपी जितेंद्र यादव और नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी कमलोचन कश्यप पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
तीन हेलीपैड पर एमआई- 17 हेलीकॉप्टर अलर्ट मोड पर तैयार हैं. मुठभेड़ स्थल पर हेलीकॉप्टर से अतिरिक्त फोर्स को भी रवाना किया गया है.
अधिकारियों ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन में नक्सलियों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है.
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन की पूरी जानकारी लेने प्रदेश के डीजीपी अरुणदेव गौतम भी बीजापुर पहुंचने वाले हैं.
साथ ही छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा भी शुक्रवार शाम तक बीजापुर पहुंच सकते हैं..