ऑपरेशन कर्रेगुट्टालुः 21 मुठभेड़ों में मारे गए 31 माओवादी
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर कर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर 24 दिनों तक चले एंटी नक्सल ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है.
सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह और छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ने बुधवार को संयुक्त प्रेसवार्ता कर ऑपरेशन की पूरी जानकारी दी.
अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच कुछ 21 मुठभेड़ हुए. जिसमें सुरक्षा बलों ने कुल 31 माओवादियों को मार गिराया.
इनमें 17 महिला और 14 पुरुष माओवादी शामिल हैं. इनमें से 28 माओवादियों की शिनाख्त हो चुकी है.
मारे गए माओवादियों पर एक करोड़ 72 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इस ऑपरेशन में हमारे 18 जवान घायल भी हुए हैं.
450 आईईडी और कई हथियार बरामद
अधिकारियों ने बताया कि कर्रेगुट्टालु की पहाड़ी में जवानों ने 4 फैक्ट्रियां और नक्सल अस्पताल को ध्वस्त किया है.
माओवादी इन फैक्ट्रियों में हथियार बनाने थे. माओवादियों के ठिकाने से गोला-बारूद और कई हथियार बरामद किए गए हैं.
ऑपरेशन के दौरान जवानों ने 35 रायफल और 450 आईईडी बरामद किए गए हैं.
माओवादियों ने पहाड़ियों पर दो वर्षों तक का राशन जमा कर रखा था. यहां से 12 हजार किलो राशन बरामद किया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि माओवादियों को आभास नहीं था कि 450 आईईडी को पार कर कोई हम तक पहुंच सकेगा. माओवादी इसे अपना सुरक्षित ठिकाना मानते थे.
माओवादी मानते थे कि इस अजेय किला तक सुरक्षा बल कभी भी नहीं पहुंच सकता, लेकिन हमारे जवान वहां तक पहुंच गए.
अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी जानकारी जुटाकर एक टीम का गठन किया गया था. इनपुट मिलने के बाद 24 घंटे विश्लेषण किया गया. इसके बाद ऑपरेशन लॉन्च किया गया.
45 डिग्री तापमान में भी डटे रहे जवान
अफसरों ने बताया कि इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ, बस्तर फाइटर, डीआरजी, एसटीएफ आदि के जवानों ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए सफलता पाई है.
जवानों के सामने भौगोलिक चुनौतियां भी थीं, जैसे दिन में 45 डिग्री तापमान और रात में ठंड का सामना करना पड़ता था.
हमारे कई जवान लू के शिकार भी हुए, जिन्हें बेस कैंप लाया गया. कुछ जवान घायल हुए जिनका उपचार रायपुर में चल रहा है.
जवानों की मेहनत रंग लाई और इस ऑपरेशन को सफलता मिली.