12 साल पुराना हत्याकांड: सुपारी देने वाली मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास
पेंड्रा । डेस्क: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के बहुचर्चित संजय सिंह हत्याकांड में 12 साल बाद मुख्य आरोपी को सजा सुनाई गई. पेंड्रारोड स्थित द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने मुख्य साजिशकर्ता मीराबाई को हत्या और आपराधिक षडयंत्र का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
इसके साथ ही न्यायालय ने दोषी महिला पर 2000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है, जिसे न चुकाने की स्थिति में उसे अतिरिक्त जेल काटनी होगी.
मामले की पृष्ठभूमि साल 2012 की है, जब ग्राम पंडरी की निवासी मीराबाई का संजय सिंह के साथ भूमि को लेकर गहरा विवाद चल रहा था. इस रंजिश को खत्म करने के लिए मीराबाई ने खौफनाक साजिश रची और संजय की हत्या के लिए तीन लोगों को 30 हजार रुपये की सुपारी दे दी.
आरोप है कि उसने आरोपियों को 29 हजार रुपये एडवांस देकर हत्या के लिए उकसाया था. 8 सितंबर 2012 को भाड़े के हत्यारों ने वारदात को अंजाम दिया और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से संजय के शव को ग्राम ऐठी के एक तालाब में फेंक दिया.
पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि इस हत्याकांड में सेवका सिंह, बबलू उर्फ जगनारायण और भोलू गोंड शामिल थे, जिन्हें अदालत पूर्व में ही सजा दे चुकी है.
शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने मामले में मजबूत पैरवी की. न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए यह स्पष्ट किया कि मीराबाई ने सुनियोजित तरीके से हत्या की साजिश रची थी, जिसके बाद अब उसे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है.