सहकारी बैंक से किसानों के खाते से 1 करोड़ 3 लाख गायब
दुर्ग | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की सेवा सहकारी समिति सोमनी में करोड़ों के घोटाले का मामला सामने आया है. बैंक प्रबंधक ने अपने मातहत कर्मचारियों के साथ मिलकर किसानों के बचत खाते से करोड़ों की हेराफेरी की है.
कुछ किसानों के तो फिक्स डिपॉजिट को भी तोड़कर उस रकम का गबन कर लिया गया है. मामले के उजागर होने से क्षेत्र के किसानों में हड़कंप मच गया है.
अपनी खून पसीने की कमाई से पाई-पाई जोड़कर पैसा जमा करने वाले किसान अब अपनी रकम का पता लगाने बैंक पहुंच रहे हैं.
पुलिस ने इस मामले में सहायक प्रबंधक और लिपिक को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि शाखा प्रबंधक फरार है.
पूरा मामला जिला सहकारी केंद्रीय बैंक भिलाई तीन की सेवा सहकारी समिति सोमनी का है.
यहां की शाखा प्रबंधक नीति दीवान ने सहायक प्रबंधक गजानन शिर्के और लिपिक गोपाल वर्मा के साथ मिलकर किसानों के खाते से 1 करोड़ 3 लाख 11 हजार 263 रुपए का गबन किया है.
बताया गया कि आरोपियों ने मिलीभगत कर किसान जो पैसा जमा करते थे, उसे लेजर में नहीं चढ़ाते थे.
किसान के खाते में रकम दिखाकर पासबुक में एंट्री करके उन्हें दे देते थे. उसके बाद उक्त रकम को अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते थे.
आरोपियों ने मिली भगत करके कुछ किसानों के फिक्स डिपॉजिट को भी तोड़कर उस रकम की हेराफेरी की है.
आरोपियों ने बैंक को गुमराह करने के लिए किसानों के खाते से खाद, बीज और धान खरीदी के नाम पर नगद आहरण दिखाते थे.
पुरानी भिलाई पुलिस ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पुरानी भिलाई के शाखा प्रबंधक सुरेंद्र सिंह भुवाल की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कार्रवाई की है.
पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि तत्कालीन सहकारी समिति प्रभारी गजानंद शिर्के ने 29 मई 2020 से 3 मार्च 2021 के बीच 35 लाख 53 हजार 870 रुपये की वित्तीय अनियमितता की.
इसके बाद समिति प्रबंधक के पद पर नियुक्त नीति दीवान ने 1 जून 2022 से 5 अक्टूबर 2023 के बीच 40 लाख 16 हजार 775 रुपये की गड़बड़ी की.
इसके अतिरिक्त सहायक लिपिक गोपाल वर्मा ने 5 किसानों के खातों से 3 लाख 3 हजार 618 रुपये का गबन किया है.
पुलिस ने सहायक प्रबंधक गजानन शिर्के और लिपिक गोपाल वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं शाखा प्रबंधक नीति दीवान मामला उजागर होने के बाद से फरार है.