वंदे भारत ट्रेनों की औसत गति में कमी
नई दिल्ली । डेस्क: वंदे भारत ट्रेनें अपनी सेमी-हाई-स्पीड सुविधा के साथ यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री द्वारा विकसित ये ट्रेनें 2019 से संचालित हो रही हैं और पूर्ण यात्री क्षमता के साथ चल रही हैं.
वर्तमान में देशभर में लगभग 140 वंदे भारत ट्रेन सेवायें संचालित हो रही हैं, जो अंतर-शहरी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाते हुए यात्रा समय को कम कर रही हैं.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 25 जुलाई को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को 180 किमी प्रति घंटे की डिज़ाइन गति और 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति के लिए बनाया गया है.
हालांकि, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की राज्यसभा सांसद डॉ. फौजिया खान ने सवाल उठाया कि 2020-21 में 84.48 किमी प्रति घंटे की औसत गति 2023-24 में घटकर 76.25 किमी प्रति घंटे हो गई है. उन्होंने इसका कारण अपूर्ण ट्रैक उन्नयन और बुनियादी ढांचे की कमी को बताया.
रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि ट्रेन की औसत गति कई कारकों पर निर्भर करती है. “ट्रेन की औसत गति ट्रैक की ज्यामिति, रास्ते में रुकने वाले स्टेशन, और रखरखाव कार्य जैसे कारकों पर निर्भर करती है,” वैष्णव ने कहा.
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारतीय रेलवे ने ट्रैक के उन्नयन और गति क्षमता बढ़ाने के लिये बड़े पैमाने पर कार्य किया है.
वैष्णव ने बताया कि ट्रैक की गति क्षमता बढ़ाने के लिये कई उपाय किये गये हैं, जिनमें 60 किलोग्राम रेल, चौड़े आधार वाले कंक्रीट स्लीपर, मोटे वेब स्विच, लंबे रेल पैनल, एच-बीम स्लीपर, और आधुनिक ट्रैक नवीकरण व रखरखाव मशीनों का उपयोग शामिल है.
इन प्रयासों से ट्रैक की गति क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.