सोनिया गांधी मतदाता सूची मामला खारिज
सोनिया गांधी मतदाता सूची विवाद मामला खारिज
नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी के खिलाफ एक बड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी की आईटी सेल के राष्ट्रीय प्रमुख अमित मालवीय ने पिछले महीने दावा किया कि सोनिया गांधी का नाम भारत की नागरिकता मिलने से पहले ही वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया गया था.
इस आरोप के आधार पर दिल्ली की एक अदालत में उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दायर करने की अनुमति के लिए याचिका दायर की गई थी. हालांकि, अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया.
अमित मालवीय ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट के जरिए यह सनसनीखेज दावा किया था कि सोनिया गांधी का नाम भारत की नागरिकता प्राप्त करने से पहले ही वोटर लिस्ट में दर्ज हो गया था. उन्होंने अपने दावे के समर्थन में 1980 की वोटर लिस्ट की एक तस्वीर भी साझा की थी. मालवीय ने आरोप लगाया कि 45 साल पहले चुनाव आयोग के साथ साठगांठ करके वोटर लिस्ट में धोखाधड़ी की गई थी. उनके मुताबिक, उस समय सोनिया गांधी भारत की नागरिक भी नहीं थीं, फिर भी उनका नाम गैरकानूनी तरीके से वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया गया था.
बीजेपी का दावा
बीजेपी नेता का दावा था कि 1980 में लोकसभा चुनाव से पहले नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में पहली बार सोनिया गांधी का नाम दर्ज किया गया. उस समय गांधी परिवार तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सरकारी आवास में रहता था. बीजेपी ने यह भी दावा किया कि 1982 तक सोनिया का नाम वोटर लिस्ट में शामिल रहा, जबकि उन्होंने 1983 में भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी.
सोनिया गांधी का जन्म 1946 में इटली में हुआ था और उनका जन्म का नाम सोनिया माइनो था. 1968 में राजीव गांधी से शादी के बाद वह गांधी परिवार का हिस्सा बनीं. बीजेपी का आरोप है कि सत्ता के दुरुपयोग के जरिए उनकी नागरिकता से पहले ही वोटर लिस्ट में उनका नाम जोड़ा गया.
दिल्ली की अदालत ने इस मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिससे यह विवाद फिलहाल थम गया है. हालांकि, इस मुद्दे ने राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल मचाई थी.