रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

चीन जा रहे रूसी तेल जहाज भारत की ओर मुड़े

C

CG Khabar

18 मार्च 2026, 03:27 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

Oil
Oil

नई दिल्ली । डेस्क: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए रूस से कच्चे तेल की खरीद में भारी बढ़ोतरी की है. ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, रूस से भारत आने वाले तेल की मात्रा इतनी बढ़ गई है कि चीन की ओर जा रहे कई तेल टैंकरों ने बीच समुद्र में अपना रास्ता बदलकर भारत की ओर रुख कर लिया है. 


शिपिंग डेटा और उपग्रह निगरानी के अनुसार, 'अक्वा टाइटन' नामक एक रूसी जहाज, जो शुरू में चीन के रिझाओ बंदरगाह के लिए रवाना हुआ था, अब 21 मार्च तक भारत के मंगलुरु पहुंचने वाला है.

विज्ञापन


शिपिंग ट्रैकिंग एजेंसी 'वोर्टेक्सा' के आंकड़ों से पता चलता है कि कम से कम सात ऐसे बड़े जहाज हैं जिन्होंने दक्षिण चीन सागर और अन्य समुद्री मार्गों से अपना मार्ग परिवर्तित किया है. 


इनमें से अधिकांश जहाजों के अब भारतीय बंदरगाहों पर लंगर डालने की संभावना है. सूत्रों का कहना है कि भारतीय रिफाइनरियों ने केवल एक सप्ताह के भीतर रूस से लगभग 3 करोड़ बैरल कच्चे तेल का सौदा किया है.


महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बदलाव अमेरिकी प्रशासन द्वारा रूसी तेल खरीद पर दी गई 30 दिनों की विशेष छूट और डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों के बाद देखा जा रहा है. 


अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि भारत एक रणनीतिक साझेदार है और वैश्विक बाजार में ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह अस्थायी रियायत दी गई है. 


हालांकि व्हाइट हाउस ने पहले रूसी तेल आयात को लेकर भारत पर दबाव बनाया था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में समीकरण बदलते दिख रहे हैं. भारत ने भी अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है और इसके लिए उसे किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP