महाराष्ट्र मतदाता सूची: थैनोस का फोटो, राहुल ने उठाए सवाल
नासिक । डेस्क: महाराष्ट्र के मालेगांव में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां मतदाता सूची में मार्वल कॉमिक्स के काल्पनिक खलनायक 'थैनोस' की तस्वीर वाले मतदाता पहचान पत्र का वीडियो वायरल हो गया है. इस वीडियो को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया है, जिसमें उन्होंने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए लिखा, "बीजेपी के लिए नया मतदाता अनलॉक किया गया."
मालेगांव के पूर्व विधायक आसिफ शेख रशीद ने आरोप लगाया है कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में 6,000 से अधिक मतदाता बिना पते के पंजीकृत हैं, 3,502 पहचान पत्रों में तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की गई है, और 11,298 डुप्लिकेट वोट पंजीकृत हैं.
वायरल वीडियो में एक मतदाता का विवरण दिखाया गया है, जिसमें नाम मोहम्मद इब्राहिम अब्दुल करीम दर्ज है, लेकिन तस्वीर थैनोस की है, वह भी फेज टोपी पहने हुए. पहचान पत्र में नाम, उम्र और पता गलत या अधूरा है, जिससे यह सवाल उठता है कि ऐसी तस्वीर सरकारी मतदाता सूची में कैसे शामिल हो गई.
सोशल मीडिया पर उपयोगकर्ताओं ने तकनीकी खामियों की आलोचना शुरू कर दी, और जल्द ही मीम्स की बाढ़ आ गई. कांग्रेस ने बीजेपी पर मतदाता सूची में हेरफेर कर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया है.
राहुल गांधी ने बार-बार चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कांग्रेस की आलोचना की है और औपचारिक हलफनामा या माफी की मांग की है.
राहुल गांधी ने डुप्लिकेट प्रविष्टियों, अवैध पतों, और बल्क पंजीकरण जैसे मुद्दों का विस्तार से उल्लेख किया है. कांग्रेस ने 48 लोकसभा सीटों पर मतदाता जानकारी में हेरफेर का आरोप लगाया है और बिहार में 'मतदाता अधिकार यात्रा' शुरू की है. जवाब में, बीजेपी के अमित शाह ने इसे "घुसपैठिया बचाओ यात्रा" करार दिया है.
7 अगस्त को, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की सत्तारूढ़ बीजेपी के साथ मिलकर आयोग "संवैधानिक विश्वासघात" कर रहा है और सुनियोजित तरीके से "वोट चोरी" कर लोकतंत्र को नष्ट कर रहा है.
दिल्ली के इंदिरा भवन में कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने कहा, "वोट चोरी ने लोकतंत्र पर परमाणु बम गिराया है." उन्होंने कर्नाटक के बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र से सनसनीखेज जानकारी पेश की, जिसमें दावा किया गया कि 6.5 लाख मतदाताओं में से कम से कम 1 लाख वोट "चुराए" गए हैं.
इस मामले ने मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं, और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि क्या भारत का चुनावी तंत्र वाकई सुरक्षित है?