दूषित कफ सिरप से 22 मौतें: CM मोहन यादव
दूषित कफ सिरप से 22 मौतें: तमिलनाडु सहयोग नहीं कर रहा है- CM मोहन यादव
भोपाल । डेस्क: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में दूषित कफ सिरप 'कोल्ड्रिफ' से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बुधवार रात को 22 पहुंच गया. महाराष्ट्र के नागपुर में इलाज के दौरान छिंदवाड़ा जिले के दो और बच्चों की मौत हो गई. इस सिरप को तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित स्रेसन फार्मास्यूटिकल्स कंपनी ने बनाया था, जिसमें मध्य प्रदेश और तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने 45% से अधिक डाइएथिलीन ग्लाइकॉल नामक जहरीले रसायन की मिलावट पाई है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तमिलनाडु सरकार पर असहयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि जांच में तमिलनाडु के अधिकारियों का सहयोग अपेक्षित स्तर का नहीं है. उन्होंने कहा, "हमारी पुलिस ने दवा निर्माण स्थल पर गिरफ्तारियां की हैं, लेकिन तमिलनाडु सरकार जैसा सहयोग नहीं कर रही जैसा करना चाहिए. तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर को फार्मास्यूटिकल कंपनी की नियामक जांच करनी चाहिए."
सीएम यादव ने नागपुर में भर्ती बच्चों से मुलाकात की और तमिलनाडु में फार्मा कंपनियों को लाइसेंस देने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए.
उन्होंने कहा, "इस कंपनी को दवा लाइसेंस देने वाले लोग कौन थे? इतने छोटे स्थान पर फैक्ट्री कैसे चल रही थी? बिना निरीक्षण के लाइसेंस कैसे नवीनीकृत हुआ? इस फार्मास्यूटिकल कंपनी को उद्योग लाइसेंस कैसे मिला?"
इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है. प्रदेश पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तमिलनाडु से दवा निर्माता कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन को गिरफ्तार किया है.
छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस की एसआईटी ने चेन्नई में रंगनाथन के घर से संयुक्त अभियान में उन्हें गिरफ्तार किया. "हमने उनके पास से कंपनी के स्वामित्व और संचालन से जुड़े कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं. पूछताछ के आधार पर हम और लोगों पर शिकंजा कसेंगे."
एसआईटी वर्तमान में तमिलनाडु में है और रंगनाथन की ट्रांजिट रिमांड मांगगी जाएगी.
22 मृतकों में से दो बैतूल जिले से, एक पंधुरना से और 19 छिंदवाड़ा से हैं. छिंदवाड़ा के परासिया ब्लॉक के दो बच्चे किडनी फेलियर से मरे, जिनकी मेडिकल दस्तावेजों की जांच की जा रही है. तीन अन्य बच्चे, जिन्होंने संदिग्ध रूप से सिरप पीया था, नागपुर में गंभीर हालत में इलाजरत हैं.
CDSCO ने पूरे देश के सभी कफ सिरप निर्माताओं की सूची मांगी है और संयुक्त ऑडिट शुरू किया है.
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमण्यम ने बताया कि इस मामले में दो वरिष्ठ ड्रग इंस्पेक्टरों को निलंबित किया गया है.
मुख्यमंत्री कार्यालय के ट्वीट में कहा गया: "छिंदवाड़ा में अमानक कफ सिरप से हुई बच्चों की दुखद मृत्यु की घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. प्रदेश की पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तमिलनाडु से दवा निर्माता कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है. यह हमारी सरकार की संवेदनशीलता का स्पष्ट प्रमाण है. दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा."
यह घटना बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा और फार्मा उद्योग के नियमन पर गंभीर सवाल खड़ी कर रही है. जांच जारी है.