लंदन: थलपति विजय के कार्यक्रम में उमड़ी बेकाबू भीड़, पुलिस ने रद्द किया शो
लंदन । डेस्क: तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलपति विजय) के लंदन दौरे के दौरान एक शो को रद्द करना पड़ा है. लंदन की मशहूर इमारत 'द शार्ड' में आयोजित विजय के प्रशंसकों से जुड़े कार्यक्रम को भारी भीड़ और सुरक्षा चिंताओं के कारण अंतिम समय में अचानक रद्द करना पड़ा.
कुछ दिन पहले ही लंदन पहुंचे 'थलपति' विजय को देखने के लिए उनके हजारों प्रशंसक कार्यक्रम स्थल के बाहर जमा हो गए थे. मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अनुसार, प्रशंसकों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ी कि सुरक्षा व्यवस्था के बिगड़ने का गंभीर खतरा पैदा हो गया था. इसके बाद आयोजकों और विजय की टीम ने प्रशंसकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शो को निरस्त करने का निर्णय लिया.
इस अचानक हुए बदलाव से दूर-दूर से अपने चहेते अभिनेता की एक झलक पाने पहुंचे प्रशंसक बेहद निराश नजर आए. एक प्रशंसक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भले ही सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम रद्द करने का फैसला तर्कसंगत है, लेकिन घंटों इंतजार करने वाले प्रशंसकों के लिए यह काफी निराशाजनक है. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का जबरदस्त उत्साह आमतौर पर तमिलनाडु में ही देखने को मिलता है.
गौरतलब है कि विजय तमिलनाडु सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए राज्य में विदेशी निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से लंदन यात्रा पर हैं. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, इस दौरे के दौरान 12,300 करोड़ रुपये के महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं.
लंदन की इस घटना की तुलना कई लोग तमिलनाडु के करूर में हुई विजय की पुरानी चुनावी रैली से कर रहे हैं, जहां भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई थी और विजय को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. माना जा रहा है कि आयोजकों ने करूर जैसी किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए ही समय रहते लंदन में यह सख्त कदम उठाया. विजय के बुधवार को भारत वापस लौटने का कार्यक्रम है.
गौरतलब है कि 'थलपति' (Thalapathy) तमिल भाषा का एक शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ 'सेनापति', 'नायक' या 'लीडर' होता है. तमिल सिनेमा में प्रशंसकों और सिनेमाई जगत द्वारा अपने पसंदीदा अभिनेताओं को सम्मान और उनके विशाल जनआधार को दर्शाने के लिए विशेष उपाधियाँ दी जाती हैं.
जोसेफ विजय (जिनका पूरा नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है) को तमिल सिनेमा में उनके अद्वितीय स्टारडम, प्रशंसकों के प्रति उनके जुड़ाव और फिल्मों में उनके मजबूत नेतृत्व वाले किरदारों के कारण 'थलपति' की उपाधि दी गई है. 1990 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में उनकी लोकप्रियता और युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए प्रशंसकों और मीडिया ने उन्हें प्यार से 'थलपति' कहना शुरू किया, जो अब उनके नाम का अभिन्न हिस्सा बन चुका है.
जोसेफ विजय तमिल फिल्म उद्योग के सबसे सफल, लोकप्रिय और सबसे अधिक फीस लेने वाले अभिनेताओं में से एक हैं. उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1990 के दशक में एक बाल कलाकार के रूप में की थी और 1992 में फिल्म 'नालैया थीरपू' से मुख्य अभिनेता के तौर पर पदार्पण किया. अपने दशकों लंबे करियर में उन्होंने 'घिली', 'पोक्किरी', 'तुपक्की', 'मर्सल', 'सर्कार', 'मास्टर', 'लियो' और 'द गोट' (The GOAT) जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं. उनकी फिल्मों के एक्शन, डांस स्टेप्स और जन-कल्याणकारी संवाद दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं.
अभिनय के अलावा विजय सामाजिक कार्यों में भी लंबे समय से सक्रिय रहे हैं. उन्होंने 'विजय मक्कल इयक्कम' नामक जन-कल्याण संगठन के माध्यम से भोजन वितरण, मुफ्त शिक्षा सामग्री और आपदा राहत जैसे कई सामाजिक काम किए.
वर्ष 2024 में विजय ने अपने करियर में एक नया और ऐतिहासिक मोड़ लेते हुए राजनीति में कदम रखा. उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपनी राजनीतिक पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) की स्थापना की. विजय ने यह घोषणा भी की है कि वे राजनीति और जनसेवा में पूरी तरह से समर्पित होने के लिए फिल्मों से संन्यास लेंगे. वे अब अपनी राजनीतिक पार्टी के माध्यम से तमिलनाडु की राजनीति में एक प्रमुख नेता के रूप में सक्रिय हैं.