सोनम वांगचुक की NSA के तहत गिरफ्तारी, इंटरनेट बंद, स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी
श्रीनगर । डेस्क: लद्दाख के सांसद हाजी हनीफा ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की निंदा की है. उन्होंने कहा कि यदि शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए उन्हें पकड़ा गया है, तो हम इसकी कड़ी आलोचना करते हैं. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे दुखद लेकिन अप्रत्याशित बताया.
उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि आखिर वादे पूरे क्यों नहीं हो रहे. कांग्रेस नेता जी.ए. मीर ने इसे अनुचित करार देते हुए कहा कि एक सम्मानित और गांधीवादी कार्यकर्ता की यह कार्रवाई गलत है.
यह गिरफ्तारी लेह शहर में हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद हुई, जिसमें चार नागरिक मारे गए और 90 अन्य घायल हो गए. प्रदर्शनकारी, ज्यादातर युवा, बीजेपी मुख्यालय और लेह ऑटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल (एलएएचडीसी-लेह) के सचिवालय पर हमला करने लगे. सुरक्षाबलों ने कार्रवाई की, जिससे स्थिति बिगड़ गई.
सोनम वांगचुक, जो लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे थे, को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया.
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि लेह के डीजीपी एस.डी. जमवाल के नेतृत्व में टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया. वांगचुक दोपहर 2 बजे के बाद मीडिया को संबोधित करने वाले थे, लेकिन अनुमति नहीं मिली. उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हो सकी.
यह घटना वांगचुक के तीन सप्ताह के अनशन के 15वें दिन हुई हिंसा के बाद आई. वे गृह मंत्रालय और लद्दाख प्रतिनिधियों के बीच 'परिणामोन्मुखी' वार्ता की मांग कर रहे थे. हिंसा के बाद उन्होंने अनशन समाप्त कर शांति की अपील की.
लेह में शुक्रवार को सख्त कर्फ्यू दूसरी दिन जारी रहा. अधिकारियों के अनुसार, इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं. सभी स्कूल और कॉलेज 27 सितंबर तक बंद रहेंगे.