कोरबा: दरिंदगी करने वाले सौतेले पिता को 30 साल की कठोर जेल
कोरबा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में नाबालिग बेटी से हैवानियत करने वाले एक कलंकी सौतेले पिता को अदालत ने कड़ी सजा सुनाते हुए जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है. विशेष सत्र न्यायालय की न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी धर्मेंद्र साहू (45) को दोषी करार दिया और 30 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई.
अभियोजन पक्ष की ओर से इस पूरे मामले की प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक सुनील मिश्रा द्वारा की गई.
यह खौफनाक वारदात करीब एक वर्ष पूर्व 2 अगस्त 2025 को मानिकपुर चौकी अंतर्गत आने वाले डीपरापारा क्षेत्र में अंजाम दी गई थी. पीड़िता मूल रूप से अपने नाना-नानी के पास गांव में रहती थी और कुछ दिनों के लिए शहर में किराए के मकान में रह रही अपनी मां से मिलने आई हुई थी.
घटना वाले दिन जब मां अपने दैनिक कामकाज पर बाहर गई थी और अन्य बहनें स्कूल गई हुई थीं, तब घर में पीड़िता को अकेला पाकर सौतेले पिता धर्मेंद्र साहू की नीयत बिगड़ गई. आरोपी ने मासूम का मुंह कपड़े से दबाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को भी बताने पर जान से मारने की खौफनाक धमकी दी.
काम से लौटने के बाद जब बच्ची ने अपनी मां को इस पूरी आपबीती से अवगत कराया, तो पीड़ित परिवार ने तुरंत हिम्मत दिखाते हुए स्थानीय मानिकपुर चौकी में शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून, दुष्कर्म और आपराधिक धमकी की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था. अदालत में पेश किए जाने के बाद से ही आरोपी जेल में बंद था, जहाँ अब साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर जुर्म साबित होने पर कोर्ट ने उसे 30 साल की कैद की सजा सुनाई है.