कवर्धा: धर्मांतरण और झूठे केस की धमकी से तंग युवक ने की थी खुदकुशी
कवर्धा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के कवर्धा स्थित कोतवाली पुलिस ने एक युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में उसकी लिव-इन पार्टनर अमीना ताज को गिरफ्तार कर अदालत में प्रस्तुत किया है. पुलिस की प्राथमिक जांच और साक्ष्यों के विश्लेषण में यह बात साफ हुई है कि आरोपी महिला द्वारा लगातार दी जा रही मानसिक प्रताड़ना और दबाव के कारण ही पीड़ित युवक ने यह खौफनाक कदम उठाया.
इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
इस दुखद घटना का खुलासा 29 जुलाई को हुआ था, जब पुलिस को आलोक दुबे नामक युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की सूचना मिली. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया.
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक टीम (वैज्ञानिक अधिकारी) की रिपोर्ट के साथ-साथ मृतक के परिजनों और आसपास के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए गए.
मामले की गहराई से जांच के दौरान मृतक और आरोपी महिला के डिजिटल उपकरणों की पड़ताल की गई. पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप कब्जे में लिया, वहीं आरोपी महिला के पास से भी तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए.
इन मोबाइल फोन्स, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. जांच में मिले मजबूत सबूतों के आधार पर पुलिस ने 23 सितंबर को औपचारिक रूप से अपराध पंजीबद्ध किया और अगले ही दिन, यानी 24 सितंबर को आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस तफ्तीश में सामने आए तथ्यों के अनुसार, मृतक आलोक दुबे पिछले करीब चार वर्षों से अमीना ताज के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था. आरोप है कि महिला लगातार आलोक पर अपना धर्म बदलकर मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार शादी करने का दबाव बना रही थी.
जब युवक ने धर्मांतरण करने से इनकार कर दिया, तो आरोपी महिला उसे दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकियां देने लगी. इसी लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर अंततः आलोक दुबे ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.