छत्तीसगढ़ में पर्यटन में 10 गुना वृद्धि, नक्सल क्षेत्र बने चुनौती
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व ने इसे पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाया है. हाल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में राज्य में पर्यटकों की संख्या में दस गुना से अधिक की वृद्धि हुई है.
2024 में 3.14 करोड़ पर्यटकों ने छत्तीसगढ़ का दौरा किया, जो 2023 में 2.6 करोड़ और 2022 में 2.36 करोड़ था.
हालांकि, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों जैसे कोरिया, नारायणपुर, बीजापुर, बेमेतरा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ और सुकमा में पर्यटकों की संख्या में कोई खास वृद्धि नहीं हुई. अधिकांश पर्यटक धार्मिक स्थलों जैसे राजनांदगांव (7.29 लाख), अंबिकापुर (5.21 लाख), बस्तर (4.96 लाख) और रायपुर (2.79 लाख) की ओर आकर्षित हुए.
बस्तर में चित्रकूट जलप्रपात, जशपुर में गंडेश्वर पर्वत, बिलासपुर में कुर्डर हिल इको रिसॉर्ट और मैनपाट बौद्ध मंदिर जैसे स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं.
बस्तर इन्वेस्टर्स कनेक्ट में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-2030 के तहत पर्यटन क्षेत्र में होटल, वेलनेस सेंटर और खेल सुविधाओं के लिए 45% सब्सिडी दी जाएगी. नक्सल प्रभावित परिवारों को उद्योग स्थापित करने के लिए अतिरिक्त 10% सब्सिडी मिलेगी.
वरिष्ठ अर्थशास्त्री तपेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि नक्सलवाद का भय समाप्त किए बिना विकास के वादे पूरे नहीं होंगे.
उन्होंने कहा कि पर्यटन से 3-7% जीडीपी में योगदान होता है और यह रोजगार सृजन, प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है.
गुप्ता ने कहा कि केंद्र द्वारा 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने की समय सीमा के बाद बस्तर में तेजी से परिवर्तन देखने को मिलेगा.