जमीनी हकीकत से दूर है बजट- भूपेश बघेल
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस नेताओं ने तीखा हमला बोला है. भूपेश बघेल ने बजट को 'ज्ञान-गति की दुर्गति' के बाद 'संकल्प' का नया जुमला करार देते हुए कहा कि जनता जल्द ही इन जुमलों की पतंग काट देगी. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटा हुआ है और इसमें जनता के लिए ठोस कुछ भी नहीं है.
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये के इस बजट को रोजगार, शिक्षा और कृषि के मोर्चे पर विफल बताया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बस योजना के लिए मात्र 10 करोड़ रुपये का प्रावधान सरकार की गंभीरता पर सवाल उठाता है.
कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए 50 करोड़ और आयुष्मान भारत के लिए 1500 करोड़ रुपये की राशि ऊंट के मुंह में जीरे के समान है, जिससे न तो बुनियादी विकास होगा और न ही अस्पतालों की उधारी चुक पाएगी.
वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा और धनंजय सिंह ठाकुर ने बजट को 'कॉर्पोरेट फायदे' वाला बताते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं की अनदेखी कर उद्योग विभाग का बजट तीन गुना कर दिया गया है. उन्होंने अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण और रसोइया संघ की मांगों पर बजट की चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.
वहीं, वंदना राजपूत ने 500 रुपये में गैस सिलेंडर के वादे पर कोई प्रावधान न होने और महिला सुरक्षा के लिए विशेष पैकेज की कमी को लेकर सरकार को घेरा है. कांग्रेस ने एकजुट होकर इस बजट को केवल आंकड़ों की बाजीगरी और जनता को निराश करने वाला दस्तावेज करार दिया है.