छत्तीसगढ़ में अवैध प्रवासियों पर सियासी तूफान
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की हालिया वापसी के बाद सियासी माहौल गरमा गया है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य में रह रहे अवैध रोहिंग्या, बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है.
बघेल ने पहलगाम हमले के बाद केंद्र सरकार के एक पुराने आदेश का हवाला देते हुए पूछा कि अब तक कितने पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान और निर्वासन हुआ है. उन्होंने बीजेपी पर घुसपैठियों के मुद्दे को केवल चुनावी हथकंडा बनाने का आरोप लगाया.
बघेल ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान और निर्वासन का आदेश दिया था. बीजेपी ने चुनावों में रोहिंग्या, बांग्लादेशी और पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने का वादा किया था, लेकिन दो साल बाद भी एक भी व्यक्ति को निर्वासित नहीं किया गया. उनकी चुप्पी उनकी निष्क्रियता का सबूत है."
जवाब में, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि बघेल को यह मुद्दा विधानसभा में उठाना चाहिये. शर्मा ने कहा, "वह कल पीएम आवास योजना पर चर्चा के दौरान अनुपस्थित थे. उन्हें यह सवाल विधानसभा में उठाना चाहिये, न कि बाहर. वैध पाकिस्तानी नागरिकों का पूरा विवरण हमारे पास है. अवैध प्रवासियों के मामले में जांच चल रही है."
सूत्रों के अनुसार, भारत में लगभग 2,000 पाकिस्तानी नागरिक वैध अल्पकालिक और दीर्घकालिक वीजा पर रह रहे हैं, जिनमें 95 फीसदी से अधिक हिंदू हैं. कुछ ने भारतीय नागरिकता के लिए भी आवेदन किया है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद 11 नागरिक स्वेच्छा से पाकिस्तान लौट गये.
कांग्रेस जहां सभी पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या और उनके निर्वासन की मांग कर रही है, वहीं बीजेपी प्रक्रियात्मक कार्रवाई और विधायी मंच पर चर्चा की बात कह रही है.
दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के साथ, अवैध विदेशी नागरिकों का मुद्दा छत्तीसगढ़ की सियासत में एक नया विवाद बन गया है, जो आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है.