छत्तीसगढ़ में नक्सली फंडिंग: NIA ने 4 पर दायर की चार्जशीट
रायपुर । संवाददाता: राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) की गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में चार और लोगों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल कर दी है. इनमें से तीन-सुनीता पोटाम, शंकर मुचाकी और दशरथ उर्फ दासरू मोदीयाम-मूलवासी बचाओ मंच (एमबीएम) के प्रमुख पदाधिकारी रहे हैं, जिन्हें पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
चौथा आरोपी मल्लेश कुंजाम एक सक्रिय नक्सली कैडर है, जो अभी भी फरार चल रहा है.
यह मामला मई 2023 में बिजापुर जिले की पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है, जब एमबीएम के दो कार्यकर्ताओं-गजेंद्र माडवी और लक्ष्मण कुंजाम-को गिरफ्तार किया गया था.
उनके पास से नक्सलियों से जुड़े छह लाख रुपये के पुराने 2000 के नोट जब्त हुए थे. एनआईए की जांच जारी है और अब तक इस केस में कुल सात आरोपी चार्जशीट का सामना कर चुके हैं.
एजेंसी के अनुसार, ये सभी आरोपी वामपंथी उग्रवादी समूहों के लिए धन संग्रह, भंडारण और वितरण में सक्रिय थे. प्रतिबंधित माओवादी संगठन इन फंड्स का इस्तेमाल राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन आयोजित करने और विकास परियोजनाओं का विरोध करने के लिए करता था.
एमबीएम जैसे फ्रंटल संगठनों के जरिए ये अवैध धनराशि पहुंचाई जाती थी.
गौरतलब है कि अक्टूबर 2024 में छत्तीसगढ़ सरकार ने एमबीएम को छत्तीसगढ़ विशेष लोक सुरक्षा अधिनियम, 2005 के तहत प्रतिबंधित घोषित कर दिया था.
एनआईए की यह कार्रवाई नक्सली नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.