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HC: बदहाल CIMS की सूरत बदलने का निर्देश

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13 अप्रै. 2026, 12:52 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS) की बदहाल व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं में बाधाओं को देखते हुए कड़ा रुख अपनाया है. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अस्पताल का तत्काल निरीक्षण करने का आदेश दिया है. 


कोर्ट ने कोर्ट कमिश्नरों को निर्देशित किया है कि वे अस्पताल की जमीनी स्थिति का आकलन कर 5 मई तक अपनी रिपोर्ट सौंपें.

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हाईकोर्ट ने विशेष रूप से अस्पताल के आसपास के भारी यातायात और संकरी सड़कों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. अदालत ने स्पष्ट किया कि मुख्य द्वार और बाउंड्री वॉल के पास अनियंत्रित पार्किंग और अतिक्रमण के कारण एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आवश्यक सेवाओं में रुकावट आ रही है, जो मरीजों के जीवन के लिए बड़ा जोखिम है. 


इस संबंध में जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और पुलिस अधीक्षक को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे CIMS परिसर के आसपास से हर प्रकार का अतिक्रमण और अवैध पार्किंग हटाकर आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता साफ रखें.


अस्पताल में उपकरणों की कमी को लेकर भी कोर्ट ने स्थिति स्पष्ट की. 


छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) द्वारा पेश किए गए हलफनामे के अनुसार, प्राथमिकता वाले 13 श्रेणियों के उपकरणों में से 10 की आपूर्ति 6 अप्रैल 2026 तक की जा चुकी है. 


वहीं, अल्ट्रासाउंड मशीन और पेसमेकर जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है. अदालत ने CGMSC के प्रबंध निदेशक को अगली सुनवाई तक सभी लंबित निविदाओं की अद्यतन रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP