बलरामपुर बांध ढहने पर विरोध प्रदर्शन, मुआवजे की मांग
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में लुटी बांध के ढहने से प्रभावित लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग की गई. बलरामपुर कांग्रेस जिला अध्यक्ष केपी सिंहदेव ने मांग की कि सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता और उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) को तत्काल निलंबित किया जाए.
उन्होंने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा और उनके परिजनों को नौकरी देने की मांग की.
लुटी बांध 2 सितंबर को विश्वराम नगर गांव में ढह गया था, जिसके कारण एक घर में सो रहे सात ग्रामीण बह गए.
अब तक छह शव बरामद किए जा चुके हैं. इस हादसे से खेतों को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
प्रदर्शनकारियों में खेरवार समाज और कांग्रेस के सदस्य शामिल थे, जिन्होंने इस घटना के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया.
खेरवार समाज के नेता अमित सिंह ने मांग की कि बांध ढहने से नष्ट हुए घरों का निर्माण तीन दिनों के भीतर किया जाए.
केपी सिंहदेव ने कहा कि राज्य मंत्री रामविचार नेताम द्वारा मृतकों के परिजनों को दी गई 5,000 रुपये की अनुग्रह राशि पूरी तरह अपर्याप्त है.
प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे एसडीएम अभिषेक गुप्ता ने प्रदर्शनकारियों का एक ज्ञापन स्वीकार किया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया.