बीजापुर: भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, NDRF-SDRF ने रेस्क्यू किया
बीजापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. नदियों और नालों के तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने जलमग्न पुल-पुलियों से आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत शिविर बनाने के साथ ही आपातकालीन टीमों को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है.
आपदा प्रबंधन के तहत भैरमगढ़ विकासखंड के कुटरू क्षेत्र में उफनते अंबेरी नाले के बीच फंसे ग्रामीणों के लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके गांवों तक पहुंचाया.
इंद्रावती नदी और अन्य बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण बारीगोडा मार्ग समेत कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है. इसके अलावा, महाराष्ट्र सीमा से सटे सोमनाथ और पेनलाया क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर ट्रक चालकों को सुरक्षित स्थानों पर वाहन पार्क करने के निर्देश दिए गए हैं.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए कलेक्टर विश्वदीप और जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे ने चंदनगिरी गांव का दौरा किया. उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को प्रभावितों तक खाद्यान्न और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए.
स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गुल्लापेंटा के प्राथमिक स्कूल में एक विशेष मेडिकल कैंप स्थापित किया है, जहां बाढ़ पीड़ितों को स्वास्थ्य जांच और दवाइयां मुहैया कराई जा रही हैं. क्षेत्र में लगातार बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें.