बांग्लादेश को भारत से समस्या, हसीना को शरण देना तनाव का कारण: यूनुस
बांग्लादेश को भारत के साथ समस्या, हसीना को शरण देना तनाव का कारण: यूनुस
नई दिल्ली । डेस्क: न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान एक साक्षात्कार में बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने भारत के साथ तनावपूर्ण संबंधों पर खुलकर बात की. यूनुस ने आरोप लगाया कि भारत ने पिछले साल बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलनों को सकारात्मक रूप से नहीं लिया, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी और देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी.
यूनुस ने कहा, "हमारे भारत के साथ समस्याएँ हैं क्योंकि उन्होंने छात्रों के कार्यों को पसंद नहीं किया. भारत ने हसीना को शरण दी है, जिनके कारण भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव पैदा हुआ है."
यूनुस ने भारतीय मीडिया पर "फर्जी" खबरें फैलाने का भी आरोप लगाया, जिसमें आंदोलन को "इस्लामवादी" करार देने की बात कही गई. उन्होंने कहा कि ऐसी खबरों ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाया है. पिछले साल 5 अगस्त को हिंसक जनआंदोलन के बाद शेख हसीना की अवामी लीग की 16 साल की सत्ता समाप्त हो गई थी, और तब से हसीना भारत में स्वैच्छिक निर्वासन में रह रही हैं.
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हसीना और अन्य अवामी लीग नेताओं के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए हैं, जिन पर मानवाधिकार संगठनों ने सवाल उठाए हैं. बांग्लादेश ने हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है, लेकिन भारत ने अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया है.
8 अगस्त, 2024 से यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से भारत और बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंध अपने निम्नतम स्तर पर पहुँच गए हैं. दोनों देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और कट्टरपंथी ताकतों को स्वतंत्रता देने जैसे मुद्दों पर बार-बार विवाद में उलझे हैं. यूनुस ने इन आरोपों को "अतिशयोक्तिपूर्ण" बताया है.
यूनुस ने हाल ही में अप्रैल 2026 तक व्यापक न्यायिक और संस्थागत सुधारों के साथ स्वतंत्र चुनाव कराने का वादा किया है.
हालांकि, इस घोषणा के बावजूद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) स्पष्ट चुनावी समयसीमा की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है. साथ ही, सेनाध्यक्ष जनरल वाकर उज्जमैन के नेतृत्व में सेना दिसंबर 2025 तक चुनाव कराने के लिए दबाव बनाए हुए है.