अमित शाह में सदन का सामना करने की हिम्मत नहीं : राहुल गांधी
नई दिल्ली । डेस्क: छात्र प्रदर्शनों को लेकर गृह मंत्री अमित शाह की ओर से संसद में चर्चा के प्रस्ताव पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जोरदार हमला बोला है. राहुल गांधी ने अमित शाह के इस कदम को उनकी फटी हुई छवि वाले "बैलून" में आखिरी वक्त में हवा भरने की एक नाकाम कोशिश करार दिया है. उन्होंने कहा कि देश का युवा संसद में गृह मंत्री की "कल्पना और भाषण" सुनने में बिल्कुल रुचि नहीं रखता.
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने मांग की कि देश के युवा सिर्फ एक सवाल का जवाब चाहते हैं कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पेलेट गन और लाठियां चलाने तथा फायरिंग का आदेश किसने दिया था.
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) गृह मंत्रालय के तहत काम करते हैं. अगर अमित शाह ने छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया है, तो वे दोषी हैं और अगर उन्होंने आदेश नहीं दिया, तो वे अयोग्य हैं, दोनों ही स्थितियों में उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए.
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि गृह मंत्री पिछले 20 दिनों से गायब थे और अब संसद में आकर चर्चा का नाटक कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अमित शाह में सदन का सामना करने की हिम्मत नहीं बची है.
उल्लेखनीय है कि गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों को संसद में छात्र विरोध प्रदर्शनों समेत सभी मुद्दों पर 24 घंटे की चर्चा का प्रस्ताव दिया था.
इसके बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने रुख साफ करते हुए इस चर्चा को महज एक भाषणबाजी बताया और गृह मंत्री से सीधे जवाब व इस्तीफे की मांग दोहराई है.
कांग्रेस उपनेता गौरव गोगोई और महासचिव जयराम रमेश ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्र के दौरान सरकार चर्चा से भागती रही और इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब प्रधानमंत्री या गृह मंत्री सदन की पूरी कार्यवाही से नदारद रहे.