चीन में युवा बेरोजगारी दर में मामूली गिरावट, पर नौकरी की राह अब भी कठिन
चीन में 16 से 24 वर्ष के युवाओं की बेरोजगारी दर सितंबर में घटकर 18% रह गई. रिकॉर्ड स्नातकों की भीड़ और नियोक्ताओं द्वारा केवल डिग्री के बजाय प्रासंगिक कार्य अनुभव को तवज्जो देने के कारण युवाओं को अब भी कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ रहा है.
नई दिल्ली । डेस्क: चीन में सितंबर महीने के दौरान युवा बेरोजगारी दर में मामूली कमी दर्ज की गई है, जिससे कुछ हद तक राहत मिली है. हालांकि, नया जॉब मार्केट युवाओं के लिए अब भी काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. आज के समय में कंपनियां केवल बड़ी अकादमिक डिग्रियों पर भरोसा करने के बजाय उन उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिनके पास काम का सीधा और प्रासंगिक अनुभव है.
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 16 से 24 वर्ष की आयु वर्ग के युवाओं (छात्रों को छोड़कर) में बेरोजगारी की दर सितंबर में घटकर 18 प्रतिशत पर आ गई, जो अगस्त में 18.9 प्रतिशत थी. इस साल रिकॉर्ड 1.27 करोड़ विश्वविद्यालय स्नातकों ने नौकरी के बाजार में कदम रखा है. अगस्त में बेरोजगारी दर अपने सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई थी, जो 2023 में नए गणना तरीके लागू होने के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा था.
नौकरी की तलाश कर रहे स्नातकों का कहना है कि विभिन्न क्षेत्रों में इंटर्नशिप करने के बावजूद उन्हें इंटरव्यू के लिए कॉल नहीं मिल रहे हैं. कंपनियां ऐसे नए कर्मचारियों को तरजीह दे रही हैं जो बिना किसी अतिरिक्त प्रशिक्षण के तुरंत काम संभाल सकें और जिन्होंने एक ही क्षेत्र में गहरा अनुभव हासिल किया हो.
इसके अलावा, पढ़ाई के बाद गैप ईयर (Gap Year) लेने वाले उम्मीदवारों को भी नियोक्ताओं के सवालों का सामना करना पड़ रहा है.
रोजगार के मोर्चे पर बढ़ते दबाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण उत्पन्न हो रही चिंताओं को देखते हुए, चीन सरकार ने वर्ष 2026-2030 के लिए 'एम्प्लॉयमेंट-फर्स्ट' रणनीति की घोषणा की है.
इसके तहत AI तकनीक का उपयोग करके रोजगार के नए अवसर पैदा करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और समुद्री क्षेत्र जैसे उभरते उद्योगों को रोजगार का नया जरिया बनाने का संकल्प लिया गया है.
वहीं, पारंपरिक नौकरियों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते कई स्नातक AI डेटा लेबलिंग जैसे व्यावहारिक कौशल सीखने के लिए अल्पकालिक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और गीग इकोनॉमी का सहारा ले रहे हैं.
दूसरी ओर, 25 से 29 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों के लिए बेरोजगारी दर सितंबर में मामूली रूप से घटकर 7.4 प्रतिशत रही, जबकि देश की कुल शहरी बेरोजगारी दर घटकर 5.2 प्रतिशत दर्ज की गई है.