फ्रांस: हिंसक प्रदर्शनों के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू की तैयारी
फ्रांस में महंगाई और शिक्षा बदहाली के खिलाफ 5 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे, जो हिंसक झड़पों और लूटपाट में बदल गया. पुलिस ने 2500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और सरकार ने हालात पर काबू पाने के लिए प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगाने के निर्देश दिए हैं.
नई दिल्ली । डेस्क: फ्रांस में बढ़ती महंगाई और गिरते शिक्षा स्तर को लेकर शुरू हुआ जनाक्रोश अब हिंसक रूप ले चुका है. सप्ताहांत के दौरान देश भर में हुए उग्र प्रदर्शनों, लूटपाट और आगजनी की घटनाओं के बाद सरकार ने कड़े कदम उठाने की घोषणा की है. फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने स्पष्ट किया है कि व्यवस्था बहाल करने के लिए जरूरत के अनुसार प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू लगाया जाएगा. स्थानीय प्रशासन को मेयरों के साथ तालमेल बिठाकर कर्फ्यू लागू करने के अधिकार दिए गए हैं.
देश भर में शिक्षा में सुधार और महंगाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर करीब 5 लाख से अधिक छात्र और नागरिक सड़कों पर उतरे थे. शनिवार को हुए इन प्रदर्शनों में भारी हिंसा देखी गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2500 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है. हालांकि, सोमवार रात स्थिति नियंत्रण में रही और कोई बड़ी अनहोनी दर्ज नहीं की गई.
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए फ्रांसीसी सरकार ने बैठकों का दौर शुरू कर दिया है. डिजिटल मंत्री ऐनी ले हेनेफ लूट का सामान ऑनलाइन बेचने की खबरों के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के प्रमुखों के साथ बैठक कर रही हैं.
वहीं, आगामी राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं. मुख्य विपक्षी दल और नेता इन प्रदर्शनों को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं. छात्र संगठनों का आरोप है कि मौजूदा नीतियों के कारण छात्र भुखमरी और आवास संकट से जूझ रहे हैं, जिससे उनमें भारी आक्रोश है. स्थिति पर काबू पाने के लिए प्रधानमंत्री ट्रेड यूनियनों और राजनीतिक दलों के साथ चरणबद्ध चर्चा कर रहे हैं.