राहुल गांधी को SIR पर सवाल उठाने का पूरा हक, लेकिन संस्थाओं का सम्मान जरूरी: पूर्व BJP अध्यक्ष तमिलनाडु
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने राहुल गांधी के SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाने के अधिकार का समर्थन करते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया. इसके अलावा उन्होंने मानसून की तैयारियों और राजनीति के गिरते स्तर पर भी अपनी बात रखी.
चेन्नई । डेस्क: तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने राहुल गांधी के सवाल पूछने के लोकतांत्रिक अधिकार का समर्थन किया, लेकिन साथ ही यह चेतावनी भी दी कि राजनीतिक असहमतियों के बीच देश की लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुँचना चाहिए.
कोयंबटूर के एक निजी स्कूल में आयोजित विजयादशमी/विद्यारंभम कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने देश की राजनीति, दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली, सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्रता और तमिलनाडु की स्थानीय समस्याओं पर विस्तार से विचार रखे.
अन्नामलाई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहुल गांधी विरोधी दल के नेता होने के नाते प्रक्रियात्मक कमियों पर सरकार या आयोग से जवाब मांगने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं, परंतु राजनीतिक लाभ के लिए संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रहार करना गलत है.
इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली पुलिस द्वारा सीजेपी संगठन से जुड़े नेताओं के प्रति अपनाए जा रहे रवैये पर भी गंभीर चिंता जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं और उनके वकीलों को जमानत की अदालती प्रक्रियाओं के दौरान लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
अन्नामलाई ने पुलिस की इस शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेताओं को लंबे समय तक जेल में बंद रखने से उनका प्रभाव खत्म नहीं होता, बल्कि जनता और युवाओं के बीच केंद्र सरकार के प्रति असंतोष तथा नेताओं के प्रति सहानुभूति एवं लोकप्रियता बढ़ती है.
राजनीतिक संवाद में आ रही गिरावट पर बोलते हुए अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पर संयम और सभ्यता बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपनी राय व्यक्त करने और अपने पसंदीदा नेताओं का समर्थन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन यह सब मर्यादा के भीतर होना चाहिए.
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे किसी के प्रति अंधभक्ति या नफरत में आकर हिंसा न करें और न ही अपना जीवन बर्बाद करें. अन्नामलाई के अनुसार, व्यक्तिगत हमलों और गाली-गलौज के बजाय सभ्य बहस के जरिए मतभेदों को सुलझाया जाना चाहिए.
तमिलनाडु के संदर्भ में उन्होंने पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत का जिक्र करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री विजय से मांग की कि वे प्रमुख जिलों और बड़े शहरों में खाली पड़े वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के पदों को तुरंत भरें. उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जनसुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग में मजबूत नेतृत्व आवश्यक है.
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायतों में चुने हुए प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण अधिकारियों के भरोसे काम चल रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्य धीमे पड़े हैं. उन्होंने चेन्नई के जल निकासी और स्टॉर्म वॉटर ड्रेन प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए.
अंत में, टीवीके (तमिलगा वेत्री कझगम) के एक पदाधिकारी से मेथमफेटामाइन ड्रग्स की बरामदगी के मामले पर बोलते हुए उन्होंने मांग की कि अपराधियों पर बिना किसी राजनीतिक दबाव के कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. इसके अलावा, नाम तमिलर काची (एनटीके) की प्रत्याशी कार्तिका की तड़के हुई गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उन्होंने पुलिस से निष्पक्षतापूर्वक कार्य करने का आग्रह किया.