ओडिशा में छत्तीसगढ़ सरकार का फर्जी अपर सचिव बनकर महिला से 15 लाख की ठगी
शादी का झांसा, नौकरी का लालच और लाखों की ठगी! पुरी पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने मैट्रिमोनियल ऐप के जरिए खुद को छत्तीसगढ़ का सरकारी अफ़सर बताकर एक नर्स को 15 लाख रुपये का चूना लगा दिया.
पुरी । डेस्क: ओडिशा की पुरी पुलिस ने मैट्रिमोनियल ऐप के जरिए एक महिला के साथ 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है. पकड़ा गया आरोपी अनुगुल जिले के मटियाशाही का रहने वाला 44 वर्षीय बलभद्र प्रसाद मिश्रा है.
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मैट्रिमोनियल ऐप पर खुद को छत्तीसगढ़ सरकार में अपर सचिव (अडिशनल सेक्रेटरी) स्तर का अधिकारी बताकर पीड़िता से जान-पहचान बढ़ाई थी. पीड़िता, जो पेशे से एक नर्स है, को आरोपी ने उसकी बहन के लिए सरकारी नौकरी का झांसा दिया और उससे पैसे ऐंठने शुरू कर दिए.
जब महिला को आरोपी की नीयत पर शक हुआ, तो उसने पीड़िता को केबीके (KBK) क्षेत्र में ट्रांसफर करवाने की धमकी दी.
मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी के कहने पर पीड़िता ने एसबीआई, एचडीएफसी और इंडियन ओवरसीज बैंक में तीन अलग-अलग बैंक खाते खुलवाए. बाद में पीड़िता को पता चला कि इन खातों के माध्यम से उसके नाम पर 13 लाख रुपये से अधिक का लोन लिया गया है. आरोपी ने लोन की पूरी राशि निकालकर निजी खर्चों में उड़ा दी.
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम से आरोपी ने कार खरीदी, महंगे होटलों में ठहरने और हवाई यात्रा जैसी आलीशान जीवनशैली का आनंद लिया. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 14 बैंक पासबुक, 9 चेकबुक, 17 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 6 मोबाइल फोन और 10,000 रुपये नकद बरामद किए हैं.
पुरी के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रतीक सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भुवनेश्वर, संबलपुर और अन्य स्थानों के विभिन्न थानों में पहले से ही धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं. अन्य राज्यों में आरोपी के 12 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है, जिससे इसके एक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह में शामिल होने का मजबूत संदेह है.
पीड़िता की शिकायत पर 13 अक्टूबर को साइबर क्राइम एवं ईओ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है.