छत्तीसगढ़: बेमेतरा में किसानों के विरोध प्रदर्शन के बाद बिजली की समय-सीमा बढ़ी
धान की फसल को सूखने से बचाने के लिए बेमेतरा के किसानों ने लोहलेसरा बिजली सबस्टेशन पर मोर्चा खोला. अधिकारियों द्वारा प्रतिदिन 2 घंटे अतिरिक्त बिजली आपूर्ति के लिखित/मौखिक आश्वासन के बाद प्रदर्शन वापस लिया गया.
बेमेतरा । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में सिंचाई के लिए अनियमित और अपर्याप्त बिजली आपूर्ति से परेशान किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. धान की फसलों को सूखने से बचाने और सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली की मांग को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों ने लोहलेसरा बिजली सबस्टेशन का घेराव कर प्रदर्शन किया.
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मिथिलेश वर्मा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में लोहलेसरा सबस्टेशन से जुड़े पांच से छह गांवों के किसान शामिल हुए. किसानों का कहना है कि बिजली की कमी और लो-वोल्टेज के कारण उनके सिंचाई पंप सही तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे खेती के इस बेहद महत्वपूर्ण चरण में धान की फसल नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है.
किसानों ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने विद्युत विभाग के सामने अपनी समस्या रखी थी, जिस पर तीन दिनों में 18 घंटे बिजली देने का वादा किया गया था. लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी आपूर्ति में कोई खास सुधार नहीं हुआ, जिससे नाराज होकर उन्हें सबस्टेशन पर धरना देना पड़ा.
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार अनिरुद्ध मिश्रा और बिजली विभाग की कनिष्ठ अभियंता नूतन कुमारी देशलहरे विभागीय अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे.
अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और बातचीत के दौरान आश्वासन दिया कि मौजूदा शेड्यूल के अलावा रोजाना 2 घंटे अतिरिक्त बिजली प्रदान की जाएगी. इस ठोस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया, हालांकि किसान अब भी सतर्क हैं और यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि यह नया वादा जमीन पर कितना टिकता है.