महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतना छत्तीसगढ़ का भी सम्मान है
रायपुर । संवाददाता: विश्वकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी ने कहा वर्ल्ड कप जीतना भारतीय महिला टीम की सफलता के साथ ही छत्तीसगढ़ का भी सम्मान है. गौरतलब है कि विश्वकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट आकांक्षा छत्तीसगढ़ से है. उनकी उपलब्धि को देखते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने आकांक्षा को 10 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान करने की घोषणा की है.
उन्होंने कहा मुझे गर्व है कि मैं अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए इस जीत में योगदान दे पाई. उन्होंने बताया कि यद्यपि वे मैदान में सक्रिय खिलाड़ी के रूप में नहीं थीं, लेकिन खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, फिटनेस और रिकवरी को बनाए रखने की जिम्मेदारी उनकी रही. “मैं अपनी टीम के साथ हमेशा चट्टान की तरह खड़ी रही. यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं टीम को जीत तक पहुंचाने की यात्रा में साथ रही."
आकांक्षा ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “यदि लक्ष्य सच्चा हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता - बस ज़रूरत है निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास की.”
“छत्तीसगढ़ मेरी जन्मभूमि और कर्मभूमि है. यहीं की मिट्टी, यहां के लोग, यहां की शिक्षा और संस्कारों ने मुझे यह मुकाम हासिल करने की ताकत दी है.” यह कहना था विश्वकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की फिजियोथेरेपिस्ट और छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी का, जिन्होंने रविवार 9 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर अपनी खुशियां साझा कीं.
इस अवसर पर आकांक्षा ने मुख्यमंत्री को भारतीय महिला टीम की जर्सी भेंट की और वर्ल्ड कप अभियान की कुछ रोचक यादें साझा कीं.
दुर्ग में जन्मी आकांक्षा का परिवार रायपुर में निवासरत है, जबकि उनका पैतृक गांव कवर्धा है. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और फिजियोथेरेपी में बैचलर की पढ़ाई छत्तीसगढ़ में पूरी की, जबकि मास्टर्स डिग्री कटक से प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव खेल और फिजियो साइंस के प्रति स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा था.
साल 2019 में आकांक्षा ने छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट टीम (CSCS) के साथ बतौर फिजियोथेरेपिस्ट अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की. केवल छह वर्षों के छोटे से सफर में उन्होंने अपने समर्पण, मेहनत और प्रोफेशनलिज़्म के बल पर राष्ट्रीय खेल जगत में विशेष पहचान बनाई.
साल 2022 में उन्हें भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम के साथ वर्ल्ड कप अभियान में शामिल किया गया. इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों की फिटनेस मैनेजमेंट, रिकवरी सेशन, मानसिक दृढ़ता और ऊर्जा संतुलन पर विशेष ध्यान दिया, जिसके परिणामस्वरूप टीम ने शानदार प्रदर्शन किया.