खाट में लादकर मरीज को अस्पताल पहुंचाने को मजबूर ग्रामीण
छत्तीसगढ़ के बस्तर में आज भी मरीजों को खाट पर लादने को मजबूर हैं कई ग्रामीण
बीजापुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के कई ग्रामीण अंचलों में लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं.
ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मरीज को ग्रामीण खाट में लादकर नदी को पार कर 6 किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचे.
इसके बाद 108 एम्बुलेंस की मदद से मरीज को जिला अस्पताल पहुंचाया गया.
सड़क, बिजली और पेयजल की समस्या से रूबरू होते इन ग्रामीणों की तरफ प्रशासन की नजर ही नहीं जाती. सबसे ज्यादा ज़रूरी स्वास्थ सुविधाओं के लिए इस क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से परेशान हो रहे हैं.
हर रोज ग्रामीणों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है
ताड़ के पेड़ से गिरा ग्रामीण
दरअसल जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के पुसनार पंचायत अंतर्गत बांटी पारा गांव का रहने वाला लछु पुनेम गुरुवार को ताड़ के पेड़ से गिर गया. जिससे उसके पैर और सर पर गंभीर चोट आ गई.
गांव में प्राथमिक स्वास्थ केंद्र तो दूर की बात है, सड़क तक नहीं है. सड़क नहीं होने की वजह से ग्रामीणों ने मरीज को खाट में लादकर नदी को पारकर सड़क मार्ग तक पहुंचाया.
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बीच में नदी है, जिस पर अब तक कोई पुल नहीं बन पाया है.
जिस वजह से लछु पुनेम को खाट में लादकर करीब 6 किलोमीटर पैदल सफर तय करते हुए सड़क तक पहुंचाया गया.
जिसके बाद 108 एम्बुलेंस की मदद से मरीज को जिला अस्पताल लाया गया. जहाँ उसका इलाज जारी
लंबे समय से पुल बनाने की ग्रामीण कर रहे मांग
पुसनार गांव के ग्रामीणों का कहना है कि नदी में पुल नहीं बन पाने की वजह से इसी तरह मरीजों और गर्भवती महिलाओं को नदी पारकर करीब 6 किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाते हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से नदी में पुल बनाने की मांग की गई है. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है.
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि गाँव तक सड़क निर्माण भी नहीं है. इसके लिए सरकार की तरफ से किसी भी तरह का प्रयास तक नहीं किया गया. जिससे बरसात के दिनों में ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
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