21 साल बाद पकड़ा गया पैरोल से फरार हत्या का मुजरिम
दंतेवाडा । संवाददाता: दंतेवाड़ा के कटेकल्याण इलाके का रहने वाला हत्या का एक दोषी पैरोल की मियाद पूरी होने के बाद भी 21 वर्षों तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा. आखिरकार कटेकल्याण थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे पड़ोसी राज्य तेलंगाना के कोत्तागुडेम से दबोच लिया है.
आरोपी को जगदलपुर के प्रथम अपर सत्र न्यायालय में पेश करने के बाद दोबारा केंद्रीय जेल भेज दिया गया है.
इस लंबी फरारी का अंत तब हुआ जब पुलिस को आरोपी के बेटे हड़मा उर्फ सुरेश सोढ़ी के गांव आने की भनक लगी. पुलिस ने जब संदेही के बेटे को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने उगल दिया कि उसके पिता इस वक्त कहां छिपे हैं.
बेटे से मिली इसी सटीक लोकेशन के आधार पर पुलिस ने फौरन एक स्पेशल टीम तैयार की और तेलंगाना में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
पकड़े गए मुजरिम की पहचान गाटम डोंगरीपारा निवासी 45 वर्षीय सोढ़ी मासा के रूप में हुई है, जो साल 2001 से कटेकल्याण क्षेत्र के एक मर्डर केस में जगदलपुर केंद्रीय जेल में बंद था.
साल 2005 में कोर्ट ने उसे 14 दिनों की पैरोल मंजूर की थी, जिसके बाद वह अपने गांव आया था. लेकिन तय वक्त पर वह वापस जेल नहीं लौटा और भूमिगत हो गया.
कानून से बचने के लिए सोढ़ी मासा ने न सिर्फ अपना ठिकाना बदला, बल्कि अपनी पहचान भी पूरी तरह बदल ली थी.
वह तेलंगाना के कोत्तागुडेम अंतर्गत कासनपल्ली इलाके में जाकर छिप गया था और वहां 'लालाराम सोढ़ी' के फर्जी नाम से रहकर सामान्य जिंदगी बसर कर रहा था. हालांकि, पुलिस लगातार उसकी टोह ले रही थी और आखिरकार दो दशक से अधिक समय बाद वह कानून के शिकंजे में आ ही गया.