बेमौसम बारिश से तेंदूपत्ता खरीद प्रभावित, संग्राहकों में मायूसी
छत्तीसगढ़ के बस्तर में बेमौसम बारिश ने तेंदूपत्ता संग्राहकों पर असर डाला
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में हरा सोना कहे जाने वाले तेंदूपत्ता की खरीदी में इस साल बारिश ने खलल डाल दिया है. तेंदूपत्ता संग्राहकों की मेहनत पर मौसम भारी पड़ रहा है.
बस्तर के जंगलों में हर साल की तरह इस बार भी हजारों परिवार तेंदूपत्ता संग्रहण के काम में जुटे हैं. पारिश्रमिक दर बढ़ने से संग्राहकों को बेहतर आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन समय से पहले आई बारिश ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है.
तेंदूपत्ता खरीदी की शुरुआत से ही मौसम बदलना शुरू हो गया था. खरीदी का काम जैसे ही एक-दो दिन चला अचानक बारिश ने दस्तक दे दी और वन विभाग को खरीदी रोकनी पड़ी.
तब से अब तक कई जगहों पर दोबारा खरीदी शुरू नहीं हो पाई है. संग्राहक लगातार इंतजार में हैं और फड़ प्रभारी उन्हें भरोसा दे रहे हैं कि काम फिर से शुरू होगा.
इसके बावजूद बदलते मौसम और लगातार बारिश के चलते अब ये उम्मीद भी कमजोर पड़ती जा रही है.
दरअसल हर साल अप्रैल-मई में तेंदूपत्ता खरीदी होती है, लेकिन इस बार मौसम ने ऐसा रंग दिखाया कि संग्राहकों की पूरी मेहनत अधर में लटक गई है.
वन विभाग के अधिकारियों ने भी इस वर्ष तेंदूपत्ता खराब होने की बात स्वीकारते हुए कहा कि इस वर्ष तेंदूपत्ता मोटा हो गया है. जिस वजह से तेंदूपत्ता का नुकसान हुआ है और इस साल बांकी वर्षों के मुकाबले संग्राहकों को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
चारो वनवृत्त में खरीदी हुई प्रभावित
बस्तर के मुख्य वन संरक्षक आर. सी दुग्गा ने बताया कि बस्तर में पिछले कुछ दिनों से तेज अंधड़ के साथ जमकर बारिश हो रही है, वहीं कुछ जगह पर ओलावृष्टि भी हुई है. इसके कारण तेंदूपत्ता की गुणवत्ता खराब हुई है.
यही कारण है कि विभाग द्वारा मौसम को देखते हुए रोक-रोक कर खरीदी की जा रही है. बस्तर के अंतर्गत चार वन मंडलों में से बीजापुर वन मंडल में सबसे बेहतर क्वालिटी का तेंदूपत्ता पाया जाता है.
यहाँ खरीदी जरूर शुरू हो गयी है, लेकिन बारिश की वजह से खरीदी रोक दी गयी है. वहीं बारिश के कारण फड़ में सूख रहा तेंदूपत्ता भी पूरी तरह से खराब हो रहा है.
सीसीएफ आर.सी दुग्गा ने बताया कि इस साल बस्तर वनवृत के अंतर्गत 4 वनवृत सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और बस्तर में 2 लाख 70 हजार मानक बोरा खरीदी का लक्ष्य रखा गया है.
मई का महीना बीतने को है लेकिन लक्ष्य के आसपास भी खरीदी नहीं हुई है. बेमौसम बारिश की वजह से संग्राहकों में भी मायूसी छाई है.
विभाग द्वारा पत्ते रिजेक्ट करने से संग्राहक परेशान
जानकारी के मुताबिक 24 अप्रैल से सभी वन वृत्त में तेंदूपत्ता की खरीदी शुरू की गई. बोनस की राशि भी 5500 किये जाने से इस साल संग्राहको में काफी उत्साह था.
बस्तर में पिछले 20 दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है, तेज अंधड़ और ओलावृष्टि होने से संग्राहको ने जिन पत्ताों की तोड़ाई की वह भी पूरी तरह से खराब हो रहे हैं.
साथ ही मोटा पत्ता होने की वजह से विभाग इसे नहीं खरीद रहा है.
सुकमा जिले के रहने वाले ग्रामीण संग्राहको ने बताया कि गांव का गांव तेंदूपत्ता तोड़ाई करने के लिए इस साल उत्सुक था, लेकिन बारिश की वजह से तेंदूपत्ता की तोड़ाई नहीं हो पा रही है.
साथ ही जो तोड़ाई हुई है, उसे विभाग के द्वारा रिजेक्ट कर दिया जा रहा है, ओलावृष्टि होने की वजह से पत्ते टूट रहे हैं. ऐसे में विभाग के द्वारा छटाई में संग्राहको को काफी नुकसान हो रहा है
जिस वजह से इस साल तेंदूपत्ता के सीजन में मायूसी छाई हुई है.