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दो बड़े माओवादी दंपति ने किया आत्मसमर्पण

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Hupendra Sharma

17 जुल. 2025, 12:52 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण

जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ से लगे तेलंगाना में पिछले दो दिनों में 75 लाख के दो माओवादी दंपति ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. दोनों ही माओवादी दंपति लंबे समय से छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य में सक्रिय रहे हैं.


समर्पण करने वाले माओवादी दंपति में एक लच्छना उर्फ गोपन्ना पत्नी अंकु बाई और दूसरा माला संजीव उर्फ लेंगु दादा पत्नी पेरुगुला उर्फ दीना है. दोनों दंपति को मिलाकर छत्तीसगढ़ में कुल 75 लाख रुपए का इनाम घोषित है. 

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बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले के रामागुंडम में माओवादी दंपति लच्छना उर्फ गोपन्ना और उनकी पत्नी अनिथक्का उर्फ अंकुभाई ने समर्पण किया है. लच्छना के खिलाफ तेलंगाना में 59 मामले और बस्तर के अलग-अलग थानों में 35 से अधिक मामले दर्ज हैं. उनकी पत्नी अंकुभाई के खिलाफ भी बस्तर के अलग-अलग थानों में कई अपराधिक मामले दर्ज हैं.


उन्होंने बताया कि दोनों बीते 30 सालों से नक्सल संगठन में सक्रिय थे. साल 2005 के बाद दण्डकारण्य में भी सक्रिय रहे. 


उन्होंने बताया कि 65 वर्षीय अथराम लच्छना उर्फ़ गोपन्ना माओवादी संगठन के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य और उत्तर बस्तर के डिवीजनल टेक्निकल टीम के प्रभारी हैं. उनकी पत्नी अंकुभाई उत्तर बस्तर डीवीसी छत्तीसगढ़ के डिवीजनल कमेटी के तकनीकी दल की सदस्य हैं.


बताया गया कि तेलंगाना पुलिस ने इन पर 25 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था. जबकि छत्तीसगढ़ पुलिस ने लच्छना पर 25 लाख और अंकुभाई पर 8 लाख रुपये का ईनाम घोषित किया था.


3 बार एनकाउंटर से बचे

गुरुवार को माला संजीव उर्फ लेंगु दादा और उनकी पत्नी पेरुगुला पार्वती उर्फ दीना ने आत्मसमर्पण किया.


दोनों ने चार दशक से अधिक समय तक माओवादी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई.


62 वर्षीय माला संजीव, दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति (DKSZC) के सचिवालय सदस्य और जन नाट्य मंडली (JNM) के संस्थापक हैं.


पत्नी दीना तेलगांना स्टेट कमेटी सदस्य के पद पर रही हैं. दोनों ने चैतन्य नाट्य मंच के माध्यम से 16 राज्यों में माओवादी विचारधारा का सालों तक प्रचार किया.


माला संजीव ने साल 1980 में माओवादी संगठन से जुड़ा. वह कई बार पुलिस मुठभेड़ों से बाल-बाल बचा और लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के बीहड़ों में सक्रिय रहा. 


उसकी पहली पत्नी विद्या की 2002 में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी. दीना ने भी साल 1992 में माओवादी संगठन से जुड़कर कई एरिया दलम में कार्य किया और बाद में उसे CNM की सांस्कृतिक उप - समिति में नेतृत्व की जिम्मेदारी मिली.


दोनों दंपति साल 2007 से छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों को संगठित करने में सक्रिय रहे.


इस नक्सल दंपति पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 25- 25 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था. बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में इन दोनों के खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP