UFO फाइलों पर ट्रंप का बड़ा खुलासा: क्या जल्द सुलझेगा एलियंस का रहस्य?
वाशिंगटन । डेस्क: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेंटागन द्वारा एलियंस और यूएफओ (UFO) से जुड़ी कुछ "बेहद दिलचस्प" फाइलों को सार्वजनिक करने का संकेत देकर पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है. ट्रंप प्रशासन के इस कदम ने अंतरिक्ष प्रेमियों के बीच उत्साह और विशेषज्ञों के बीच संदेह, दोनों को जन्म दिया है. नासा के अंतरिक्ष यात्रियों के सम्मान में आयोजित एक व्हाइट हाउस कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी सरकार ऐसी जानकारियों को साझा करने जा रही है, जो अब तक अमेरिकी इतिहास में कभी सामने नहीं आई हैं.
उन्होंने पिछले फरवरी में ही संघीय एजेंसियों को निर्देश दिया था कि वे परग्रही जीवन और अज्ञात हवाई घटनाओं (UAP) से संबंधित रिकॉर्ड जारी करें. ट्रंप खुद को एक ऐसे राष्ट्रपति के रूप में पेश कर रहे हैं जो दशकों पुराने गोपनीय रहस्यों से पर्दा हटाने का साहस रखते हैं, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने अपने कार्यकाल की शुरुआत में जेएफके और मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्या से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने का आदेश दिया था.
हालांकि, इन दावों को लेकर पेंटागन के पूर्व अधिकारी सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं. 'ऑल-डोमेन एनोमली रेजोल्यूशन ऑफिस' (AARO) के पूर्व निदेशक सीन किर्कपैट्रिक ने इन वादों को केवल एक "चमकता हुआ खिलौना" करार दिया है, जो जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. उनके अनुसार, सरकार के पास ऐसा कोई पुख्ता दस्तावेज या फोटो नहीं है जो एलियंस के धरती पर आने या उनके साथ बातचीत की पुष्टि करता हो.
किर्कपैट्रिक का मानना है कि वायरल होने वाले यूएफओ वीडियो अक्सर इंफ्रारेड कैमरों की तकनीकी सीमाओं और जेट इंजनों की गर्मी के कारण पैदा हुए भ्रम मात्र होते हैं. इसके विपरीत, रिपब्लिकन सांसदों का एक समूह, जिसका नेतृत्व एयरफोर्स वेटरन अन्ना पॉलिना लूना कर रही हैं, पेंटागन पर डेटा छिपाने का आरोप लगा रहा है.
लूना ने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ से उन वीडियो की मांग की है जिन्हें व्हिसलब्लोअर्स ने रहस्यमयी बताया है. दिलचस्प बात यह है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस मुद्दे पर "जुनूनी" नजर आ रहे हैं और उन्होंने एरिया 51 की जांच करने की इच्छा जताई है.
यूएफओ को लेकर अमेरिका में यह बहस नई नहीं है. पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, जिमी कार्टर और रोनाल्ड रीगन भी इस विषय में रुचि दिखा चुके हैं.
लेकिन ट्रंप का यह ताजा दांव ऑनलाइन समुदायों और वैज्ञानिकों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है. जहां कुछ लोग इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं, वहीं इतिहासकार ग्रेग एघिगियन जैसे विशेषज्ञों का मानना है कि ये खुलासे शायद ही कट्टर यूएफओ प्रेमियों को संतुष्ट कर पाएंगे.
ट्रंप ने फिनिक्स की एक रैली में समर्थकों से कहा कि वे जल्द ही सच्चाई खुद देख लेंगे, लेकिन क्या वाकई कोई "बमशेल" खुलासा होगा या यह पिछले खुलासों की तरह सामान्य जानकारी तक सीमित रहेगा, यह आने वाला समय ही बताएगा. फिलहाल, पूरी दुनिया की निगाहें पेंटागन की उन फाइलों पर टिकी हैं जो संभवतः ब्रह्मांड में हमारी स्थिति की समझ को बदल सकती हैं.