ट्रंप सरकार ने बंद की अमेरिका में बर्थ टूरिज्म
वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिका ने दुनिया के कई देशों में चल रहे 'बर्थ टूरिज्म' (जन्म के जरिए नागरिकता पाने के लिए की जाने वाली यात्रा) के नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. अमेरिकी प्रशासन ने यूरोप और अफ्रीका के कई देशों से संचालित होने वाले ऐसे रैकेटों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है, जो अपने नागरिकों को सिर्फ इसलिए अमेरिका भेजते थे ताकि वहाँ जन्म लेने वाले उनके बच्चों को अमेरिकी नागरिकता मिल सके.
इस कार्रवाई के तहत ऐसे सैकड़ों विदेशी नागरिकों के अमेरिकी वीजा रद्द कर दिए गए हैं और धोखाधड़ी करने वाले कई लोगों पर अमेरिका यात्रा करने के लिए हमेशा के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है.
अमेरिकी विदेश विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका और उत्तरी अफ्रीका में अमेरिकी दूतावासों ने ऐसे संगठित नेटवर्कों का भंडाफोड़ किया है, जो वीजा इंटरव्यू के लिए लोगों को कोचिंग देते थे, अमेरिका में रहने का इंतजाम करते थे और डिलीवरी की पूरी योजना तैयार करते थे.
यूरोप में साल 2024 से अब तक ऐसे 400 से अधिक संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिन्हें कम से कम छह कंपनियाँ मिलकर चला रही थीं. वहीं पश्चिमी अफ्रीका में भी जाली दस्तावेजों और दलालों के जरिए चल रहे एक बड़े नेटवर्क का पता चला है, जिसमें 100 से अधिक विदेशी नागरिक शामिल थे. इसी तरह उत्तरी अफ्रीका में भी 100 से अधिक माता-पिता के वीजा रद्द किए गए हैं.
विदेश विभाग ने साफ किया है कि अमेरिकी वीजा एक विशेषाधिकार है, कोई अधिकार नहीं. किसी भी विदेशी नागरिक को इस मुख्य उद्देश्य के साथ विजिटर वीजा लेने की अनुमति नहीं है कि वह अमेरिका में बच्चे को जन्म देकर वहाँ की नागरिकता हासिल कर सके.
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाला अमेरिकी प्रशासन लंबे समय से जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) के इस नियम का विरोध करता रहा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले ही दिन एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत अवैध रूप से आए या अस्थायी वीजा पर रह रहे विदेशी माता-पिता के बच्चों को अमेरिकी नागरिकता देने पर रोक लगाने की बात कही गई थी.
हालांकि, निचली अदालतों द्वारा इस आदेश को 'पूरी तरह से असंवैधानिक' बताने के बाद यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है, जहाँ अप्रैल में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला आने की उम्मीद है.
'बर्थ टूरिज्म' (Birth Tourism)
'बर्थ टूरिज्म' (Birth Tourism) उस चलन को कहा जाता है, जिसमें कोई गर्भवती महिला किसी दूसरे देश की यात्रा (टूरिज्म) केवल इसलिए करती है ताकि वह वहाँ अपने बच्चे को जन्म दे सके. ऐसा मुख्य रूप से उस देश के नागरिकता संबंधी कानूनों का लाभ उठाने के लिए किया जाता है. अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में 'संविधान संशोधन या जन्मसिद्ध नागरिकता' (Birthright Citizenship) का नियम है, जिसके तहत यदि कोई बच्चा उनकी धरती पर पैदा होता है, तो उसे स्वतः ही वहाँ की नागरिकता और पासपोर्ट मिल जाता है, भले ही उसके माता-पिता किसी भी देश के नागरिक हों या वहाँ केवल टूरिस्ट वीजा पर गए हों.
इस नागरिकता के मिलने से बच्चे को भविष्य में उस देश में मुफ्त या सस्ती शिक्षा, बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं, सामाजिक सुरक्षा और बिना किसी वीजा के दुनिया के कई देशों में यात्रा करने की सुविधा मिल जाती है. इसके अलावा, जब वह बच्चा वयस्क (आमतौर पर 21 वर्ष) हो जाता है, तो वह अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी वहाँ के ग्रीन कार्ड या स्थायी निवास के लिए स्पांसर कर सकता है.
इसी आकर्षण के कारण दुनिया भर में एक बड़ा संगठित नेटवर्क या उद्योग खड़ा हो गया है, जो गर्भवती महिलाओं को वीजा इंटरव्यू की तैयारी कराने, उनके रहने-खाने, डॉक्टरों से अपॉइंटमेंट और अस्पताल में डिलीवरी कराने के बदले मोटी रकम (करीब 20,000 से 80,000 डॉलर या इससे अधिक) वसूलता है.
अगर आंकड़ों की बात करें, तो बर्थ टूरिज्म के सटीक आंकड़े जुटाना काफी मुश्किल है क्योंकि कई महिलाएं अपनी यात्रा का मुख्य उद्देश्य छिपाकर सामान्य टूरिस्ट वीजा पर आती हैं. फिर भी, अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी 'सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन' (CDC) के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में अमेरिका और उसके क्षेत्रों में लगभग 9,600 बच्चों का जन्म ऐसी विदेशी माताओं से हुआ, जिन्होंने अपना स्थायी पता अमेरिका से बाहर का दर्ज कराया था.
इसके विपरीत, आव्रजन (इमिग्रेशन) पर नजर रखने वाले थिंक टैंक 'सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज' (CIS) का अनुमान इससे कहीं अधिक है; उनका मानना है कि अमेरिका में हर साल करीब 20,000 से 26,000 बच्चे बर्थ टूरिज्म के जरिए पैदा होते हैं.