महंगाई के लिए सीधे तौर पर ट्रंप प्रशासन की नीतियां जिम्मेदार- बराक ओबामा
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ओहायो के क्लीवलैंड में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित रैली में डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन पर जम कर हमला बोला. ओबामा ने बढ़ती महंगाई और बेवजह के विवादों का जिक्र करते हुए जनता से आगामी 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव में बदलाव के लिए मतदान करने की अपील की.
नई दिल्ली । डेस्क: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 3 नवंबर को होने वाले महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले ओहायो के क्लीवलैंड में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अपने उत्तराधिकारी और मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर बेहद तीखा हमला बोला है. डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाते हुए ओबामा ने कहा कि अमेरिका की जनता पिछले दो सालों से अराजकता, क्रूरता, भ्रष्टाचार और अयोग्यता को झेल रही है और अब वक्त आ गया है कि मतदाता कहें- 'बस बहुत हुआ'.
रैली को संबोधित करते हुए ओबामा ने देश में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन के बढ़ते खर्चों के लिए सीधे तौर पर ट्रम्प प्रशासन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों ने आम जनता का बजट बिगाड़ दिया है. ओबामा ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ने जनहित के फैसले लेने के बजाय एक अनावश्यक संघर्ष और विवाद की शुरुआत कर दी, जिसकी देश को कोई जरूरत नहीं थी.
रैली के दौरान ओबामा का तंज कसने वाला अंदाज भी देखने को मिला. ट्रम्प द्वारा व्हाइट हाउस में किए जा रहे बदलावों और नवीनीकरण का मजाक उड़ाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे राष्ट्रपति का ध्यान देश चलाने से ज्यादा होम रेनोवेशन पर है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि ट्रम्प को किसी टीवी शो में होना चाहिए था, क्योंकि उन्होंने व्हाइट हाउस को पूरी तरह से सोने की सजावट से भर दिया है.
ओहायो में शुरुआती मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसे ध्यान में रखते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने मतदाताओं से जल्द से जल्द अपना वोट डालने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि इस समय टालमटोल या संकोच करने की बिल्कुल गुंजाइश नहीं है.
उल्लेखनीय है कि ओहायो में डेमोक्रेटिक पार्टी के पूर्व सीनेटर शेरोड ब्राउन का मुकाबला रिपब्लिकन सीनेटर जॉन हस्टेड से है, जबकि गवर्नर पद के लिए डेमोक्रेट उम्मीदवार एमी एक्टन और रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी आमने-सामने हैं. शुरुआती सर्वेक्षणों में दोनों सीटों पर डेमोक्रेट्स को मामूली बढ़त मिलती दिख रही है, लेकिन मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है.
क्लीवलैंड की रैली के बाद ओबामा मिशिगन के डिट्रॉइट शहर के लिए रवाना होंगे, जहां वे डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद के समर्थन में एक और रैली को संबोधित करेंगे. अमेरिका में संसद (कांग्रेस) पर नियंत्रण तय करने के लिहाज से ये मध्यावधि चुनाव बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं.