रवि, 25 अक्टू. 2026

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इजराइल चुनाव: 7 अक्टूबर हमले की जांच के लिए तेल अवीव में विरोध प्रदर्शन

इजराइल चुनाव से तीन दिन पहले तेल अवीव के होस्टेजेस स्क्वायर पर विशाल जनसैलाब उमड़ा. प्रदर्शनकारियों और पीड़ित परिवारों ने 7 अक्टूबर के सुरक्षा विफलताओं की स्वतंत्र निष्पक्ष जांच आयोग गठित करने की मांग की.

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25 अक्टू. 2026, 12:47 AM 3 मिनट में पढ़ें 25

तेल अवीव में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
तेल अवीव में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

नई दिल्ली । डेस्क: तेल अवीव के प्रसिद्ध 'होस्टेजेस स्क्वायर' में शनिवार को हजारों की संख्या में इजराइली नागरिकों ने एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. गज़ा संघर्ष की शुरुआत के बाद देश में होने वाले पहले आम चुनाव से महज तीन दिन पहले आयोजित इस विशाल रैली में प्रदर्शनकारियों ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमलों से जुड़ी सुरक्षा विफलताओं की जवाबदेही तय करने और एक स्वतंत्र राज्य जांच आयोग के गठन की मांग की.

इस प्रदर्शन का आयोजन 'अक्टूबर काउंसिल' नामक संगठन द्वारा किया गया था, जिसे तीन साल पहले गज़ा में बंधक बनाए गए लोगों के परिवारों ने गठित किया था. संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि यह रैली सच को सामने लाने, सरकार की जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच आयोग स्थापित करने के उनके तीन साल लंबे संघर्ष का निर्णायक मोड़ है.

तेल अवीव के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए. इन रैलियों में इजराइल की प्रमुख विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने हिस्सा लिया. 

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुख्य प्रतिद्वंद्वी और 'याशर' पार्टी के नेता गादी ईसेनकोट भी तेल अवीव की रैली में शामिल हुए, जहाँ समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया. इसके अलावा 'द डेमोक्रेट्स' पार्टी के नेता याएर गोलान भी इस मार्च का हिस्सा रहे.

चुनाव से पूर्व कराए गए सर्वेक्षणों में नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन और ईसेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गुट के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है. वर्तमान में किसी भी पक्ष को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है. यह चुनाव न केवल इजराइल की आंतरिक राजनीति बल्कि ईरान के साथ भावी सैन्य नीति तय करने के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

वहीं दूसरी ओर, नेतन्याहू के गठबंधन ने स्वतंत्र जांच आयोग बनाने की जन-मांग को खारिज करते हुए एक राजनीतिक आयोग बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें आधे सदस्य सरकार और आधे सदस्य विपक्ष द्वारा नामांकित होंगे. हालांकि, विपक्षी दलों के नेताओं ने इस राजनीतिक आयोग का पूरी तरह से बहिष्कार करने का ऐलान किया है.

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को जब गज़ा पट्टी पर शासन करने वाले फिलिस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास और अन्य सशस्त्र गुटों ने इजराइल की सीमाओं को पार कर थल, जल और वायु (पैराग्लाइडर) के रास्ते एक साथ अचानक बड़ा हमला बोल दिया था. 

इस हमले के दौरान हमास के लड़ाकों ने दक्षिण इजराइल के सैन्य ठिकानों, शहरों और 'नोवा म्यूज़िक फेस्टिवल' जैसे नागरिक आयोजनों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 1,200 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 250 लोगों को बंधक बनाकर गज़ा ले जाया गया था. 

यह आधुनिक इजराइली इतिहास का सबसे भीषण और घातक सुरक्षा हमला माना जाता है, जिसने गज़ा में एक बड़े युद्ध को जन्म दिया और इजराइली रक्षा प्रणाली तथा खुफिया तंत्र की विफलता को उजागर किया.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP