रवि, 25 अक्टू. 2026

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एपेक सम्मेलन से पहले किम जोंग-उन का अचानक चीन दौरा

ट्रम्प के साथ संभावित बातचीत और एपेक सम्मेलन से ठीक पहले उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग-उन का अचानक चीन दौरा वैश्विक कूटनीति में बड़ी हलचल के संकेत दे रहा

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25 अक्टू. 2026, 12:19 AM 3 मिनट में पढ़ें 47

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन
उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन

नई दिल्ली । डेस्क: उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन ने चीन के सीमावर्ती शहर डानडोंग का एक दिवसीय दौरा करके वैश्विक कूटनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है. एक वर्ष से भी अधिक समय में चीन की अपनी पहली यात्रा पर पहुंचे किम जोंग-उन ने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प जताया. यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब अगले महीने दक्षिण चीनी शहर शेनजेन में एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत दुनिया के कई शीर्ष नेताओं के जुटने की संभावना है.

ऐतिहासिक वार मेमोरियल पर श्रद्धांजलि और द्विपक्षीय वार्ता

डानडोंग पहुंचने पर चीन के चौथे नंबर के शीर्ष अधिकारी वांग हुनिंग और विदेश मंत्री वांग यी ने उत्तर कोरियाई नेता की अगवानी की. किम जोंग-उन का यह दौरा 1950 के कोरियाई युद्ध में चीनी सैनिकों के प्रवेश की आधिकारिक वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर आयोजित हुआ. किम ने 'मेमोरियल हॉल ऑफ द वॉर टू रेसिस्ट यूएस अग्रेशन एंड एड कोरिया' का दौरा कर पुष्पांजलि अर्पित की और युद्ध से जुड़े ऐतिहासिक अवशेषों का अवलोकन किया. इस अवसर पर वांग हुनिंग ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित कीं और कहा कि किम की यह विशेष यात्रा दोनों देशों के बीच रक्त से सींचे गए ऐतिहासिक रिश्तों और उच्चस्तरीय राजनीतिक विश्वास को दर्शाती है.

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न्यू यालू रिवर ब्रिज और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा

अपनी इस संक्षिप्त यात्रा के दौरान किम जोंग-उन ने डानडोंग स्थित एक कार कारखाने का भी निरीक्षण किया. दिन के उत्तरार्ध में चीनी शीर्ष नेताओं ने किम को 'न्यू यालू रिवर ब्रिज' के माध्यम से विदा किया. लगभग 3 किलोमीटर लंबा यह चार लेन का पुल डानडोंग को उत्तर कोरिया के सीमावर्ती शहर सिनुइजु से जोड़ता है. वर्ष 2014 में बनकर तैयार हुए इस पुल को उत्तर कोरियाई ओर से सड़कों और अन्य सुविधाओं में देरी के कारण एक दशक से अधिक समय बाद हाल ही में खोला गया है. इस कनेक्टिविटी के शुरू होने से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक आदान-प्रदान में बड़ी तेजी आने की उम्मीद है.

एपेक सम्मेलन और ट्रम्प-किम मुलाकात की संभावनाएँ

कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरे की टाइमिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है. आगामी एपेक सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प और व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी में त्रिपक्षीय या द्विपक्षीय वार्ताओं के कयास लगाए जा रहे हैं. ट्रम्प ने पूर्व में उत्तर कोरिया के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण पर बातचीत और किम से दोबारा मिलने की इच्छा जताई है. चीन भी कोरियाई प्रायद्वीप की कूटनीति में अपनी केंद्रीय भूमिका फिर से स्थापित करने के लिए ट्रम्प और किम के बीच चौथी मुलाकात की मध्यस्थता करने का इच्छुक दिखाई दे रहा है. किम का यह अचानक चीन दौरा इसी भावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP