'हर विरोध बनता है एक जंतर-मंतर': अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में निर्मला सीतारमण के पति और प्रमुख अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर ने हैदराबाद के टैंक बंड पर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने और आयोग को भंग करने की मांग की.
हैदराबाद । डेस्क: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति और प्रमुख अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तुरंत रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की तीखी मांग की है.
शनिवार को हैदराबाद के टैंक बंड पर 'पीपल अगेंस्ट SIR' संगठन द्वारा आयोजित एक विशाल मानव श्रृंखला विरोध प्रदर्शन में शामिल होते हुए प्रभाकर ने चुनाव आयोग को भंग करने और उन सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में वापस जोड़ने का आह्वान किया, जिनके नाम हटा दिए गए हैं.
प्रदर्शन के दौरान परकला प्रभाकर ने कहा कि यह विरोध हैदराबाद के मजबूत संकल्प को दर्शाता है कि लोग चुनाव आयोग की कार्यशैली के खिलाफ हैं. दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों पर पाबंदियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को अपनी आवाज उठाने से नहीं रोक सकती.
प्रभाकर के अनुसार, जंतर-मंतर केवल दिल्ली का कोई एक निश्चित स्थान नहीं है, बल्कि हर वह जगह जहां लोग अन्याय के खिलाफ सवाल उठाते हैं और अपना विरोध दर्ज कराते हैं, वह अपने आप में एक जंतर-मंतर बन जाती है.