मैनपाट में पीलिया से तीन मौतों की पुष्टि
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र में पीलिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है. पिछले एक महीने से नर्मदापुर, बरिमा और कुनिया जैसे गांवों में पीलिया फैलने की शिकायतों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पीएस मार्को के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया.
शनिवार को गांवों में मेडिकल कैंप लगाकर स्थानीय लोगों की जांच की गई और संभावित मरीजों की पहचान की जा रही है.
अधिकारियों ने शुरुआती जांच के बाद क्षेत्र में पीलिया से 3 लोगों की मौत होने की आधिकारिक पुष्टि की है. मृतकों में कुनिया निवासी जितेंद्र यादव (31 वर्ष), नर्मदापुर की भगवती यादव (46 वर्ष) और बरिमा के विकास यादव (16 वर्ष) शामिल हैं.
बताया गया है कि जितेंद्र यादव पहले से ही क्रोनिक लिवर डिजीज से ग्रसित थे. इसके अलावा, एक अन्य 23 वर्षीय युवक विकास यादव की मौत सिकलसेल और गंभीर खून की कमी के साथ हल्का पीलिया होने के कारण हुई, जबकि पांचवें व्यक्ति की मृत्यु की वजह कुछ और बताई गई है.
क्षेत्र में बीमारी फैलने के कारणों को लेकर स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इसके पीछे दूषित पानी मुख्य वजह नहीं है.
सीएमएचओ डॉ. मार्को के अनुसार, प्रभावित परिवारों के लोग बोरवेल के पानी का इस्तेमाल करते हैं.
एहतियात के तौर पर हैंडपंप, कुएं और बोरवेल के पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, लेकिन किसी एक स्रोत से बड़े पैमाने पर संक्रमण के संकेत नहीं मिले हैं.
आशंका जताई जा रही है कि बाहर के खान-पान या दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन की वजह से लोग इस बीमारी की चपेट में आए हैं.
फिलहाल मैनपाट के अलग-अलग गांवों में पीलिया के 5 सक्रिय मरीजों का पता चला है. इनमें से गंभीर रूप से बीमार तीन मरीजों को बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर और रायपुर के अस्पतालों में रेफर किया गया है.
वहीं, स्थानीय स्तर पर उपचार करा रहे 2 अन्य मरीजों की स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में और खतरे से बाहर बताई जा रही है. स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित परिवारों की निगरानी बढ़ा दी है, हालांकि राहत की बात यह है कि मृतकों के परिजनों में संक्रमण बड़े पैमाने पर नहीं फैला है.