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सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को दी अंतिम मोहलत

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16 सित. 2026, 05:24 AM 3 मिनट में पढ़ें 6

राजपाल यादव
राजपाल यादव

नई दिल्ली । डेस्क: चेक बाउंस के कई मामलों में 3 महीने की सजा का सामना कर रहे बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से राहत तो मिली है, लेकिन बेहद सख्त शर्तों के साथ. मंगलवार को सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने राजपाल यादव को जेल जाने से बचने के लिए कम से कम ₹2 करोड़ की अंतरिम राशि और अपना व अपनी पत्नी का पासपोर्ट कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा कराने का 'अंतिम अवसर' दिया है.


मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने अभिनेता के पिछले रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की. पीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत को उम्मीद है कि मामले को सुलझाने की यादव की यह नई पेशकश सिर्फ उनके "अभिनय" कौशल का प्रदर्शन नहीं है. कोर्ट ने आगे कहा कि अभिनेता का आचरण बहुत भरोसा पैदा नहीं करता है, फिर भी उन्हें अपनी बात रखने का एक आखिरी मौका दिया जा रहा है.

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अदालत में राजपाल यादव का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता पी.एस. पटवालिया ने राशि जमा करने के लिए नई समय-सीमा की मांग की. उन्होंने स्वीकार किया कि 8 सितंबर को कोर्ट ने ₹5 करोड़ जमा कराने का आदेश दिया था जिसके आधार पर उन्हें सरेंडर करने से छूट मिली थी, लेकिन वे उस आदेश का पालन नहीं कर सके. 


वकील ने दलील दी कि राजपाल यादव पहले भी कुछ महीने जेल में बिता चुके हैं और अब वे अपनी मां की संपत्ति बेचकर पैसे जमा कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, इसलिए अदालत को उनके प्रति थोड़ा नरम रुख अपनाना चाहिए.


बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव का मामला साल 2010 का है, जब उन्होंने अपनी बतौर निर्देशक पहली फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए दिल्ली के एक व्यापारी एल.जी. फाइनेंसर्स (मुरली प्रोजेक्ट्स) से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. फिल्म 2012 में रिलीज हुई लेकिन बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई, जिससे राजपाल यादव भारी वित्तीय संकट में फंस गए और लिया गया कर्ज नहीं चुका पाए. कर्ज न चुका पाने के कारण व्यापारी ने उनके खिलाफ चेक बाउंस के कई मामले दर्ज कराए.


मामले के कोर्ट में जाने पर 2018 में दिल्ली की एक अदालत ने राजपाल यादव को चेक बाउंस के 7 मामलों में दोषी ठहराया और 3 महीने की जेल की सजा सुनाई, साथ ही भारी जुर्माना भरने का आदेश दिया. राजपाल यादव ने कुछ समय जेल में बिताया भी, लेकिन बाद में बकाया राशि चुकाने की शर्त और आश्वासन पर उन्हें जमानत मिल गई. हालांकि, इसके बाद भी कई वर्षों तक तय राशि जमा न कराने और अदालत में दिए गए आश्वासनों का पालन न करने के कारण मामला खींचता चला गया.


यह मामला फिर से तब चर्चा में आया जब 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव के रवैये पर सख्त नाराजगी जताई. कोर्ट ने पाया कि सितंबर 2025 (या पिछले आदेशों) में ₹5 करोड़ जमा कराने का आदेश मिलने के बावजूद अभिनेता ने रकम जमा नहीं की. इसके बाद मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने उन्हें जेल से राहत जारी रखने के लिए कम से कम ₹2 करोड़ की अंतरिम राशि और अपने व अपनी पत्नी का पासपोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने का अंतिम अवसर दिया. राजपाल यादव के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया है कि वे अपनी मां की संपत्ति बेचकर यह राशि चुकाने के लिए तैयार हैं.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP