'अवैध धर्मांतरण' और 'चंगाई सभा' पर रोक लगाने जल्द सख्त कानून: विजय शर्मा
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में अवैध धर्मांतरण पर लगाम लगाने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में एक और सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है. यह जानकारी मंगलवार को राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा ने दी.
उपमुख्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि प्रस्तावित कानून अन्य राज्यों में लागू इसी तरह के विधानों से "एक कदम आगे" होगा. उन्होंने कहा, "आगामी विधानसभा सत्र में एक अधिनियम लाया जाएगा, जो मुझे विश्वास है कि अन्य राज्यों में मौजूदा अधिनियमों से आगे होगा, क्योंकि इसमें सभी के अनुभवों और अन्य जगहों पर पहले से लागू प्रावधानों को शामिल किया गया है."
उन्होंने कहा कि इस नए कानून में एक अहम प्रावधान ‘चंगाई सभा’ या आस्था-उपचार सभाओं पर रोक लगाने का भी होगा, जिन्हें सरकार गुमराह करने वाला मानती है. शर्मा ने स्पष्ट किया, "इसके अलावा, 'चंगाई सभा' जैसी चीजें हैं, जिन्हें हर कोई जानता है कि ये गुमराह करने वाली हैं. इसलिए, इन चीजों को रोका जाना चाहिए. इसके लिए कानूनी प्रावधानों की आवश्यकता है, जिन्हें आगामी अधिनियम में शामिल किया जाएगा."
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा दोनों ने ही पहले यह प्रतिबद्धता जताई थी कि उनकी सरकार राज्य में अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए एक नया कानून लाएगी.
वर्तमान में, जबरन या धोखाधड़ी से किए गए धर्मांतरण के मामलों से निपटने के लिए 'छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968' लागू है. अधिकारियों का कहना है कि नया कानून इस मुद्दे को अधिक प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत और विस्तृत करने का लक्ष्य रखता है.