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छत्तीसगढ़ में CAT की स्थायी पीठ पर केंद्र से तीन सप्ताह में मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक सेवकों को न्याय के लिए मध्य प्रदेश के जबलपुर का चक्कर लगाने से जल्द राहत मिल सकती है.

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16 अक्टू. 2026, 06:54 PM 2 मिनट में पढ़ें 56

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक सेवकों को न्याय के लिए मध्य प्रदेश के जबलपुर का चक्कर लगाने से जल्द राहत मिल सकती है. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की स्थायी पीठ की स्थापना से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से तीन सप्ताह के भीतर सक्षम अधिकारी के शपथपत्र के जरिए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. मुख्य न्यायाधीश कृष्ण राम महापात्रा और न्यायमूर्ति संतोष शर्मा की युगलपीठ ने केंद्र से स्पष्ट करने को कहा है कि इस दिशा में अब तक क्या-क्या ठोस कदम उठाए गए हैं और वर्तमान स्थिति क्या है.

राज्य गठन के 25 वर्ष बीत जाने के बाद भी कैट की स्थायी पीठ स्थापित न होने से छत्तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों को भारी प्रशासनिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वर्तमान में बिलासपुर में कैट की सर्किट बेंच केवल सीमित अवधि के लिए कार्य करती है. 

जबलपुर स्थित मुख्य पीठ से यह बेंच साल में केवल पांच बार ही बिलासपुर आती है और हर बार महज एक सप्ताह ही कामकाज होता है. सीमित कार्यदिवस होने के कारण अधिकांश मामलों की पूरी सुनवाई नहीं हो पाती, जिससे पक्षकारों को नए आवेदन, लिपिकीय सुधार व अन्य प्रक्रियाओं के लिए बार-बार जबलपुर जाना पड़ता है या फिर ऑनलाइन सुनवाई पर निर्भर रहना पड़ता है.

छत्तीसगढ़ सीनियर लॉयर फोरम की ओर से दायर इस याचिका में बिलासपुर के बुनियादी ढांचे की अव्यवस्था की ओर भी ध्यान दिलाया गया है. याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि यद्यपि बिलासपुर में कैट भवन निर्माण के लिए भूमि का आवंटन पहले ही किया जा चुका है, फिर भी वर्तमान में इसका संचालन जिला उपभोक्ता फोरम के प्रथम तल पर स्थित एक छोटे से कमरे से किया जा रहा है.

अदालत में केंद्र सरकार की तरफ से पक्ष रखते हुए उप सॉलिसिटर जनरल और उनके सहयोगी अधिवक्ता ने स्थिति स्पष्ट करने व सक्षम अधिकारी का हलफनामा प्रस्तुत करने के लिए समय देने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करते हुए पीठ ने तीन सप्ताह का समय दिया है. 

यदि राज्य में कैट की स्थायी पीठ स्थापित होती है, तो कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को न केवल जबलपुर जाने की मशक्कत से मुक्ति मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक मामलों के निस्तारण के लिए एक सुदृढ़ और त्वरित स्थानीय न्यायिक व्यवस्था भी उपलब्ध होगी.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP