छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: अपर आबकारी आयुक्त आशीष श्रीवास्तव निलंबित
बहुचर्चित राज्य शराब घोटाला मामले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने आबकारी विभाग के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
रायपुर । संवाददाता: बहुचर्चित राज्य शराब घोटाला मामले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने आबकारी विभाग के अपर आयुक्त आशीष श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है, जहाँ उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.
राज्य में अवैध शराब बिक्री और कमीशनखोरी के इस नेटवर्क का खुलासा सबसे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर हुआ था, जिसके बाद 17 जनवरी 2024 को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण (EOW) ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की कमान अपने हाथों में ली थी.
इस पूरे प्रकरण में भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी अनिल टुटेजा और पूर्व प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी समेत करीब 50 लोगों को आरोपी बनाया गया है.
जांच एजेंसी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में सरकारी दुकानों के माध्यम से बिना किसी रिकॉर्ड के अवैध रूप से देसी मदिरा बेची जा रही थी और डिस्टिलरीज़ के साथ सांठगांठ कर अनुचित लाभ पहुँचाया जा रहा था. इस समानांतर व्यवस्था को संचालित करने में अरुणपति त्रिपाठी की मुख्य भूमिका बताई गई है.
इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए ACB/EOW ने आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए और 13 अक्तूबर 2026 को तैयार पूरक अभियोग पत्र को 14 अक्तूबर को रायपुर की विशेष अदालत में प्रस्तुत कर दिया. अदालत में आरोप पत्र दाखिल होने के तुरंत बाद शनिवार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत अधिकारी के निलंबन का औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया.
विशेष जांच दल ने इस आपराधिक मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7, 7-क, 8, 12, और 13 के साथ-साथ भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं जैसे 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (कूटरचित दस्तावेज), 120बी (अपरधिक षड्यंत्र), 201 और 109 के तहत गहन पड़ताल की है.
ईडी द्वारा 11 जुलाई 2024 को सौंपी गई गोपनीय रिपोर्ट के बाद से ही इस मामले में शिकंजा लगातार कसता जा रहा था. राज्य शासन की इस सख्त कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में कुछ अन्य बड़े नामों पर भी गाज गिरने की संभावना जताई जा रही है.