उत्तर और पश्चिमी यूरोप में तूफान का भारी तांडव, उड़ानें रद्द, लाखों घरों की बिजली गुल
तूफान बोएलो और ऑस्टेन ने यूरोप में भारी तबाही मचाई है. ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी में तेज हवाओं, बिजली कटौती और उड़ानें रद्द होने से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है.
नई दिल्ली । डेस्क: उत्तर और पश्चिमी यूरोप में एक के बाद एक आए दो भीषण तूफानों 'बोएलो' और 'ऑस्टेन' ने भारी तबाही मचाई है. 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली बर्फीली हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण 1.5 लाख से अधिक घरों की बिजली ठप हो गई, फोन नेटवर्क ठप पड़ गए और सैकड़ों उड़ानों को रद्द या डायवर्ट करना पड़ा है.
ब्रिटेन में इस प्राकृतिक आपदा का सबसे व्यापक प्रभाव देखा गया, जहां ऊर्जा नेटवर्क संघ के अनुसार 4 लाख से अधिक घरों ने तूफान के दौरान बिजली कटौती का सामना किया. स्कॉटलैंड के आर्गिल और ब्यूट क्षेत्रों में पेड़ों के गिरने से सड़कें और रेल मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए हैं. ब्राइटन के ऐतिहासिक पियर का एक हिस्सा भी तेज हवाओं के थपेड़े नहीं झेल सका और समुद्र में बह गया.
फ्रांस में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. देश की ऊर्जा कंपनी 'एनेडिस' के अनुसार, तूफान के चरम पर 2.88 लाख से अधिक घर बिना बिजली के थे. हालांकि, 2,600 से अधिक तकनीशियन लगातार राहत कार्यों में जुटे हैं, लेकिन अब भी नॉर्मंडी और ब्रिटनी क्षेत्रों के हजारों घर अंधेरे में डूबे हुए हैं.
जर्मनी के फ्रीबर्ग-ब्रिसगाउ शहर में बिजली और मोबाइल नेटवर्क ठप होने से मुख्य अस्पताल को अपनी सेवाएं केवल आपातकालीन मामलों तक सीमित करनी पड़ी हैं.
इसके अलावा, नीदरलैंड्स के एम्स्टर्डम स्थित शिफोल हवाई अड्डे से पेरिस, रोम और डबलिन जाने वाली लगभग 90 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं.
बेल्जियम और जर्मनी के विभिन्न हिस्सों से पेड़ गिरने और ढांचों के ढहने की वजह से लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबरें भी आई हैं. मौसम वैज्ञानिकों ने इस स्थिति के लिए वैश्विक तापमान वृद्धि (ग्लोबल वॉर्मिंग) को जिम्मेदार ठहराते हुए आने वाले दिनों में और अधिक कठोर मौसम की चेतावनी दी है.