मन की बात: पीएम मोदी ने दीपावली पर 'वोकल फॉर लोकल' का दिया संदेश
'मन की बात' के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से दीपावली पर 'वोकल फॉर लोकल' को मजबूत करने का आह्वान किया और देश भर के नवोन्मेषी प्रयासों की सराहना की.
नई दिल्ली । डेस्क: दीपावली के पावन पर्व की तैयारियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को खरीदने और 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को और अधिक सशक्त बनाने का आग्रह किया. अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के दौरान उन्होंने भारतीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ती धाक का विशेष उल्लेख किया.
प्रधानमंत्री ने बताया कि बिहार का 'मखाना' और कर्नाटक की 'अरहर दाल' अब वैश्विक बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं.
वहीं, महाराष्ट्र के जनजातीय उत्पादों को उनकी सांस्कृतिक कला से सजी पैकेजिंग के जरिए वैश्विक पहचान मिल रही है.
खादी के बढ़ते प्रभाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय कारीगरों की कला हमारी समृद्ध परंपराओं को जीवित रखे हुए है, इसलिए इस त्योहार पर स्वदेशी उत्पादों को चुनकर उनके प्रयासों को बल दें.
कार्यक्रम में उन्होंने कृषि क्षेत्र और पर्यावरण संरक्षण के अनूठे उदाहरण भी साझा किए.
पंजाब के मालवा क्षेत्र में 'खेती विरासत मिशन' द्वारा शुरू की गई 'नव-त्रिंजन' पहल की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे बिना रसायनों के प्राकृतिक रंगों वाले ऑर्गेनिक कॉटन की खेती की जा रही है, जिससे सूत को अलग से रंगने की जरूरत नहीं पड़ती.
इसके अलावा, उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों द्वारा वर्षा जल संचयन और वृक्षारोपण के माध्यम से सूखती हुई 'हेवल नदी' को पुनर्जीवित करने के सफल प्रयासों को रेखांकित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने 'मन की बात' को अपने लिए एक तीर्थयात्रा बताते हुए देशवासियों के इन भागीरथ प्रयासों और योगदान को नमन किया.