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SC में ED और छत्तीसगढ़ की याचिका खारिज, चैतन्य बघेल की जमानत बरकरार

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22 जुल. 2026, 02:29 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

चैतन्य बघेल
चैतन्य बघेल

नई दिल्ली । डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने कथित शराब घोटाले से जुड़े मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को मिली जमानत को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ सरकार की याचिकाओं को बुधवार को खारिज कर दिया. अदालत के इस फैसले के साथ ही चैतन्य बघेल को राहत मिल गई है और उनकी जमानत बरकरार रहेगी.


मामले की सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश सूर्या कांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने जांच एजेंसियों द्वारा अदालतों के जमानत आदेशों को लगातार चुनौती देने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी ध्यान आकर्षित किया. 


शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों के कारण जमानत से जुड़ी न्यायिक व्यवस्था का व्यापक विस्तार हुआ है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा जमानत देते समय राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को आदेश से हटा दिया.


इससे पहले 2 जनवरी को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ED और भ्रष्टाचार निवारक ब्यूरो (ACB/EOW) दोनों मामलों में चैतन्य बघेल को जमानत दे दी थी. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में उल्लेख किया था कि आरोपी की भूमिका मामले के अन्य प्रमुख आरोपियों की तुलना में काफी कम है और अन्य मुख्य अभियुक्तों को पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. ऐसे में समता के सिद्धांत के तहत याचिकाकर्ता को राहत देना उचित है.


उल्लेखनीय है कि ED और राज्य एजेंसियों का आरोप था कि 2019 से 2022 के दौरान हुए इस कथित शराब घोटाले में चैतन्य बघेल की अहम भूमिका थी और उन्होंने वित्तीय हेरफेर के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की. हालांकि, अदालत ने जमानत खारिज करने की याचिका को आधारहीन मानते हुए राहत बरकरार रखने का आदेश सुनाया.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP